डिजिटल कनेक्टिविटी से बदली सरकारी सेवाओं की तस्वीर: प्रधानमंत्री मोदी

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि मोबाइल फोन और डिजिटल कनेक्टिविटी ने सरकारी सेवाओं की पहुंच और वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अब तक 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पहुंचाए गए हैं। इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई और यह राशि गलत हाथों में जाने से बची।

प्रधानमंत्री यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध हैं। सरकारी योजनाओं की सहायता भी लाभार्थियों के मोबाइल से जुड़े बैंक खातों में सीधे पहुंच रही है।

मोदी ने पीएम-किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत अब तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह राशि हर चार महीने में किसानों के खातों में पहुंचती है और भुगतान होने पर उनके मोबाइल फोन पर इसकी सूचना भी मिलती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन अब केवल बातचीत और संदेश भेजने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह शासन और नागरिक सेवाओं का महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से लोगों को कम यात्रा करनी पड़ रही है, कम इंतजार करना पड़ रहा है और लागत भी कम हुई है।

हर जिले तक पहुंचा 5जी

प्रधानमंत्री ने देश में 5जी नेटवर्क के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 5जी कनेक्टिविटी देश के हर जिले तक पहुंच चुकी है और 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशन इस नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। वर्ष 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की गति में करीब दस गुना बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि देश तेजी से ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहा है, जहां 5जी कनेक्टिविटी व्यापक डिजिटल बदलाव का आधार बनेगी।

मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में यह मंच भारत की दूरसंचार क्षेत्र में हुई प्रगति और उसकी आकांक्षाओं को सामने रखने वाला महत्वपूर्ण मंच बन गया है। उन्होंने वर्ष 2024 में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ की मेजबानी और डिजिटल दुनिया के लिए वैश्विक मानकों को लेकर हुई चर्चाओं का भी उल्लेख किया।

गेमिंग में युवाओं की बढ़ती भागीदारी

प्रधानमंत्री ने भारत में तेजी से बढ़ते गेमिंग क्षेत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में 50 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी रूप में गेमिंग से जुड़े हुए हैं और इनमें बड़ी संख्या युवाओं की है।

उन्होंने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों के युवा गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, गेमिंग कंटेंट निर्माण और नए गेमिंग व्यवसायों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, मोबाइल फोन अब भारत में केवल गेम खेलने का माध्यम नहीं, बल्कि गेमिंग कंसोल और क्रिएशन स्टूडियो दोनों बन चुका है।

डिजिटल विस्तार के साथ सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में दूरसंचार ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाए गए, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का विस्तार हुआ और डेटा अधिक किफायती हुआ है। इससे तकनीक, मनोरंजन और शिक्षा सहित कई नए क्षेत्रों का विस्तार हुआ और देश में नई पीढ़ी के रचनाकारों को अवसर मिले।

मोदी ने डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र के बढ़ते महत्व के बीच सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फोन की सुरक्षा और नेटवर्क की सुरक्षा सभी के लिए महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं हैं।