‘पहले दशक में दुनिया भारत आई, अब भारत को दुनिया तक पहुंचाना है’: सिंधिया

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नई दिल्ली :  केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) को ऐसा वैश्विक मंच बनना चाहिए, जहां भारत की तकनीकी क्षमताओं और नवाचारों को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत के पास वैश्विक तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए जनशक्ति, गतिशीलता और सोच तीनों मौजूद हैं।

भारत मोबाइल कांग्रेस 2026 को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे किफायती डेटा बाजारों में शामिल हो चुका है। पिछले एक दशक में देश में ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या करीब छह करोड़ से बढ़कर 110 करोड़ से अधिक हो गई है।

उन्होंने अगली पीढ़ी की दूरसंचार तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का भी उल्लेख किया। मंत्री के अनुसार, भारत 6जी गठबंधन में 90 संस्थान शामिल हैं और वैश्विक भागीदारों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में काम किया जा रहा है। गठबंधन से जुड़े प्रयासों के तहत 7,700 पेटेंट हासिल किए गए हैं, जिनमें 4,400 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट शामिल हैं।

सिंधिया ने कहा कि भारत के विकास की पहली दशक की यात्रा ने दुनिया को भारत तक पहुंचाया, जबकि अब अगले दशक का लक्ष्य भारत को दुनिया तक पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के पास इस गति को सीमाओं से आगे ले जाने के लिए आवश्यक जनशक्ति, गतिशीलता और सोच मौजूद है।

उन्होंने कहा कि सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने देश में मोबाइल विनिर्माण को मजबूत किया है। इसके परिणामस्वरूप भारत 22 महीनों के भीतर दुनिया में प्रौद्योगिकी उपकरणों के शीर्ष चार उत्पादकों में शामिल हो गया है।

डिजिटल समावेशन पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने डिजिटल समावेशन पर सरकार के जोर को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के दो प्रमुख आधार हैं—तकनीक का लोकतंत्रीकरण और यह सुनिश्चित करना कि तकनीकी विकास का लाभ प्रत्येक नागरिक, उद्यम और समुदाय तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि तकनीक का लाभ हर उद्यम और हर समुदाय तक पहुंचना चाहिए।

सिंधिया ने भारतनेट परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 15 अरब डॉलर की सरकारी वित्त पोषित इस योजना के माध्यम से ग्रामीण भारत में ब्रॉडबैंड संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत करीब 2.60 लाख ग्राम पंचायतों तक मिडिल-माइल कनेक्टिविटी पहुंचाने और देश के करीब 3.80 लाख अन्य गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

2030 में आईटीयू सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी

सिंधिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) परिषद ने भारत के वर्ष 2030 में प्लेनिपोटेंटियरी सम्मेलन की मेजबानी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में पहली बार आईटीयू की विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा (डब्ल्यूटीएसए) का आयोजन भारत में हुआ था, जो जिनेवा के बाहर आईटीयू के इतिहास की सबसे बड़ी डब्ल्यूटीएसए सभाओं में से एक थी।

उन्होंने कहा कि आईटीयू के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी और जीएसएमए बोर्ड के साथ सहयोग भारत और दुनिया के बीच एक सेतु का काम करेगा।