डेस्क : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से युवाओं को फर्जी और भ्रामक सूचनाओं से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक से दूरी बनाने के बजाय उसके सही और सकारात्मक इस्तेमाल के लिए युवाओं का मार्गदर्शन करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री रविवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित छत्रपति शिवाजी मंडपम में उच्च शिक्षा के शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में फर्जी अकाउंट और भ्रामक सामग्री के जरिए समाज में भ्रम और विद्वेष फैलाने की कोशिशों से युवाओं को सावधान करना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सीएम योगी ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर जानकारी सही और प्रमाणिक नहीं होती। शिक्षकों को छात्रों को तथ्य और भ्रम के बीच अंतर समझाना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों में स्वाध्याय, पुस्तकालय जाने और संदर्भ पुस्तकों के अध्ययन की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक और 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल समाज और देश के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें तकनीक के सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित करना होगा।








