प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी की टिप्पणी पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने पर गर्व है। चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संक्षिप्त पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि देश में सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है, लेकिन नक्सली विचारधारा से जुड़े ऐसे तत्व अब भी मौजूद हैं, जो युवाओं को प्रभावित करने और समाज में हिंसा एवं अव्यवस्था फैलाने के अवसर तलाश रहे हैं।
पीएम मोदी ने ऐसे तत्वों को पहचानने और उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत पर जोर दिया था। उनके इस बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
चिदंबरम ने एक्स पर दिया जवाब
पी. चिदंबरम ने रविवार को पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “I am proud to be a ‘Dimagi Naxal’.” यानी उन्होंने कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई।
चिदंबरम के अलावा कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा और इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार के आलोचकों और असहमति रखने वालों को इस तरह के लेबल से जोड़ना उचित नहीं है।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है, लेकिन वैचारिक स्तर पर नक्सली सोच रखने वाले लोगों से अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व युवाओं को प्रभावित करने और देश में अशांति पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब पी. चिदंबरम का ‘दिमागी नक्सल होने पर गर्व’ वाला बयान इस राजनीतिक बहस को और तेज करता नजर आ रहा है।
इस पूरे विवाद के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।








