नई दिल्ली : लोकसभा में लंबे समय से लंबित चल रहे दल-बदल से जुड़े मामलों पर अब जल्द फैसला आने की संभावना है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मानसून सत्र से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों से जुड़े अयोग्यता मामलों पर निर्णय ले सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन मामलों की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अध्यक्ष कार्यालय सभी पक्षों की दलीलों और दस्तावेजों की समीक्षा कर रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले इन बहुप्रतीक्षित मामलों पर स्पष्ट फैसला सामने आ सकता है।
यह मामले उन सांसदों से जुड़े हैं जिन पर पार्टी व्हिप के उल्लंघन और दल बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी। लंबे समय से ये प्रकरण लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों पर फैसला आने से न केवल संबंधित दलों की राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, बल्कि संसद के भीतर शक्ति संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।
लोकसभा सचिवालय से जुड़े अधिकारियों ने हालांकि आधिकारिक रूप से किसी तारीख की पुष्टि नहीं की है, लेकिन संकेत दिए हैं कि प्रक्रिया को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इन मामलों पर फैसला ऐसे समय में आने की संभावना है जब मानसून सत्र में कई अहम विधायी और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है, जिससे इस निर्णय का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।


