ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधि बढ़ी, एक विमान और 20 जहाजों की मौजूदगी दर्ज

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ताइपे : ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने सोमवार को बताया कि उसके आसपास चीनी सैन्य गतिविधियों की निगरानी की गई है। मंत्रालय के मुताबिक, ताइवान के आसपास चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक सैन्य विमान, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के नौ जहाज और 11 आधिकारिक जहाजों की गतिविधियां दर्ज की गईं।

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी दैनिक सुरक्षा अपडेट में कहा कि चीनी सैन्य विमान की एकमात्र उड़ान ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में दाखिल हुई। मंत्रालय ने कहा कि ताइवान की सशस्त्र सेनाओं ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और आवश्यक कार्रवाई की।

इससे एक दिन पहले रविवार को भी ताइवान ने अपने आसपास चार PLA विमानों, छह PLAN जहाजों और नौ आधिकारिक जहाजों की गतिविधियां दर्ज की थीं। मंत्रालय के अनुसार, इनमें से दो चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान की मध्य रेखा (Median Line) को पार कर उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी ADIZ में प्रवेश किया था।

समुद्री परीक्षणों में जुटी ताइवान की पहली स्वदेशी पनडुब्बी

इस बीच, ताइवान अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने पर भी लगातार काम कर रहा है। फोकस ताइवान की रिपोर्ट के मुताबिक, जून में ताइवान की पहली स्वदेश निर्मित पनडुब्बी ने काऊशुंग बंदरगाह से समुद्री परीक्षणों के एक नए दौर के लिए रवाना हुई थी। इन परीक्षणों में पनडुब्बी के गोता लगाने से जुड़े परीक्षण भी शामिल थे।

मिलिट्री न्यूज एजेंसी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि यह पनडुब्बी का कुल 15वां समुद्री परीक्षण था, जबकि पानी के भीतर संचालन का यह नौवां परीक्षण था।

ताइवान के आसपास चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच इन परीक्षणों को ताइवान की रक्षा तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चीन-ताइवान विवाद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

चीन और ताइवान के बीच विवाद का संबंध ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी दावों से जुड़ा है। बीजिंग ताइवान को चीन का अभिन्न हिस्सा मानता है और इस रुख को अपनी राष्ट्रीय नीति तथा घरेलू कानूनों में भी कायम रखता है।

वहीं, ताइवान अपनी अलग राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत स्वतंत्र रूप से संचालित होता है। उसके पास अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था है। ताइवान की स्थिति संप्रभुता, आत्मनिर्णय और गैर-हस्तक्षेप जैसे अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को लेकर लंबे समय से वैश्विक बहस का विषय बनी हुई है।

चीन का ताइवान पर दावा 1683 में किंग राजवंश द्वारा द्वीप पर कब्जे के बाद की ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ा है। किंग राजवंश ने मिंग समर्थक कोक्सिंगा के उत्तराधिकारियों को हराकर ताइवान पर नियंत्रण स्थापित किया था।