नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के अधिकारियों से ईमानदार करदाताओं के लिए कर अनुपालन को आसान बनाने और जानबूझकर कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था में निश्चितता आर्थिक विकास और कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
167वें आयकर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग की भूमिका अब केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है। विभाग को निष्पक्षता, कार्यकुशलता, कारोबार में आसानी और करदाता सेवाओं पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे जानबूझकर कर चोरी करने वालों और वास्तविक गलती करने वाले करदाताओं के बीच अंतर करें।
सीतारमण ने कर प्रशासन के लिए पांच प्राथमिकताओं पर जोर दिया। इनमें पहचानना, प्रतिक्रिया देना, शिकायतों का समाधान करना, समीक्षा करना और सुधार करना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कर कानून से मिले अधिकारों का इस्तेमाल अधिकारियों को विनम्रता और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि करदाताओं को केवल करदाता के रूप में नहीं, बल्कि देश के विकास में भागीदार के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कर संबंधी मुकदमों को कम करने और कर व्यवस्था में अधिक निश्चितता लाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने बताया कि नए आयकर कानून के लागू होने से कर व्यवस्था को सरल बनाने, अनिश्चितता कम करने और अनुपालन की लागत घटाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। साथ ही, आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल की क्षमता बढ़ाई गई है, जिससे करदाताओं को बेहतर और तेज सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।








