ईरान पर अमेरिका का ‘लो-की’ रुख, ट्रंप बोले- अभी नए सैन्य हमले की योजना नहीं

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डेस्क : ईरान के साथ बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर जारी गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के खिलाफ किसी नए सैन्य अभियान की तैयारी नहीं कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस पूरे मामले को लेकर ‘लो-की’ रणनीति अपना रहा है और ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल केवल ‘सेमी-नेगोशिएशन’ यानी सीमित स्तर पर बातचीत हो रही है। उन्होंने ईरान की आर्थिक स्थिति को बेहद खराब बताते हुए कहा कि देश में महंगाई काफी बढ़ गई है और उसके पास पर्याप्त धन नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास अपने सैनिकों को भुगतान करने के लिए भी पर्याप्त पैसा नहीं बचा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ने ईरान की आर्थिक मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में गिरावट से अमेरिकी उपभोक्ताओं पर इस संघर्ष का असर फिलहाल सीमित रहा है। ट्रंप के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें 75 डॉलर प्रति बैरल से थोड़ी ऊपर बनी हुई हैं।

ट्रंप ने मौजूदा स्थिति को ‘शतरंज के खेल’ जैसा बताते हुए कहा कि अंततः सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका घटनाक्रम पर नजर रख रहा है और जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय स्थिति का आकलन कर रहा है।

हॉर्मुज को लेकर बातचीत अटकी

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच चल रहे प्रयासों के बीच बातचीत फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी है। ईरान ने बातचीत के लिए कुछ नई शर्तें रखी हैं। इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना और ईरान के आसपास तैनात अमेरिकी सैन्य बलों को पीछे हटाना शामिल है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह का लंबा गतिरोध वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल की कीमतों पर असर डाल सकता है।

अमेरिका ने हथियार उत्पादन बढ़ाने को कहा

इस बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग ने रक्षा क्षेत्र की कंपनियों से महत्वपूर्ण हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन तेजी से बढ़ाने को कहा है। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा उप मंत्री स्टीव फीनबर्ग ने बुधवार को रक्षा कंपनियों के अधिकारियों को भेजे एक ज्ञापन में महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं की आपूर्ति में तेजी लाने और उत्पादन बढ़ाने की योजना 21 दिनों के भीतर पेश करने को कहा।

यह कदम ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच कुछ महत्वपूर्ण सैन्य हथियारों और गोला-बारूद की संभावित कमी को लेकर बढ़ती चिंता के बीच उठाया गया है।

ईरान बोला- अमेरिका से सीधी बातचीत नहीं

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान फिलहाल वॉशिंगटन के साथ सीधे तौर पर बातचीत नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान मध्यस्थों के जरिए हो रहा है।

अराघची के अनुसार, बातचीत के लिए परिस्थितियां तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में ट्रंप के ‘लो-की’ रुख और ईरान की ओर से रखी गई शर्तों के बीच अब दोनों देशों के बीच अगला कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।