ईरान संघर्ष में अमेरिका को बड़ा झटका, 45 रीपर ड्रोन गंवाए; 1.3 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान

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डेस्क : ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को सैन्य उपकरणों के मोर्चे पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। द वॉशिंगटन पोस्ट की अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के दौरान अमेरिका ने कम से कम 45 MQ-9 रीपर निगरानी और हमलावर ड्रोन खो दिए। यह संख्या अमेरिका के सक्रिय रीपर बेड़े की करीब एक-चौथाई है। इन ड्रोन की कीमत के आधार पर अमेरिकी करदाताओं को 1.3 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है।

अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी ड्रोन दुश्मन के हमलों में नष्ट नहीं हुए। कुछ रीपर ड्रोन ऑपरेटरों और विमान के बीच संचार संपर्क टूटने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए।

रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के समय अमेरिका के पास करीब 185 MQ-9 रीपर ड्रोन थे। इनमें 165 अमेरिकी वायुसेना और 20 मरीन कॉर्प्स के पास थे। मरीन कॉर्प्स के बेड़े में किसी ड्रोन के नुकसान की सूचना नहीं है। उसका रीपर बेड़ा मुख्य रूप से एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तैनात रहता है।

जनरल एटॉमिक्स द्वारा निर्मित MQ-9 रीपर एक रिमोट से संचालित विमान है, जिसका इस्तेमाल खुफिया, निगरानी और टोही अभियानों के साथ-साथ लक्षित हमलों के लिए किया जाता है। अमेरिकी सेना ने वर्ष 2007 से इसका इस्तेमाल शुरू किया था। इसके बाद इसे मध्य-पूर्व, अफगानिस्तान और इराक में आतंकवाद विरोधी अभियानों में बड़े पैमाने पर तैनात किया गया।

एक रीपर ड्रोन की कीमत उसके उपकरण और हथियारों के आधार पर 3 करोड़ से 5 करोड़ डॉलर तक होती है। वहीं, ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम, सैटेलाइट लिंक और हथियारों को शामिल करने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पूरी प्रणाली की लागत काफी अधिक हो सकती है।

द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, कई रीपर ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अभियान के दौरान मार गिराए गए। अमेरिकी अधिकारी इन हमलों की सटीकता से कथित तौर पर हैरान थे।

ड्रोन के नुकसान ने अमेरिकी रक्षा भंडार को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में अमेरिका के सटीक मारक क्षमता वाले सतह से सतह पर मार करने वाले मिसाइलों के भंडार में भी भारी कमी की बात सामने आई है।

इस कमी के बीच ट्रंप प्रशासन कांग्रेस से 67 अरब डॉलर के युद्ध फंडिंग पैकेज को मंजूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि गोला-बारूद, मिसाइल इंटरसेप्टर और मानवरहित विमानों के घटे भंडार को फिर से भरने में वर्षों लग सकते हैं।

द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, पेंटागन ने रीपर ड्रोन के नुकसान संबंधी रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।