लेगे-कैप-फेरे : फ्रांस में बेकाबू जंगल की आग ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा रखी है। आग के कारण 2.5 लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। हालात को देखते हुए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय संकट बैठक की अध्यक्षता की। हालांकि, दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में लगी देश की सबसे बड़ी आग की रफ्तार कुछ धीमी पड़ने के संकेत मिले हैं।
गिरोंद क्षेत्र में आग अब तक पेरिस शहर के क्षेत्रफल से करीब चार गुना बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले चुकी है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रातभर स्थिति कुल मिलाकर स्थिर रही। पिछले कुछ दिनों में आग तेजी से फैलते हुए बोर्डो के आसपास के इलाकों तक पहुंचने लगी थी। अधिकारियों ने फिलहाल नए इलाकों से लोगों को निकालने की घोषणा नहीं की है।
पड़ोसी लांद क्षेत्र में भीषण आग पर काबू पाने के लिए सैकड़ों दमकलकर्मी लगातार अभियान चला रहे हैं। रात में हुई बारिश से अग्निशमन अभियान को कुछ राहत मिली है और प्रशासन ने हालात को आग बुझाने के लिए अनुकूल बताया है। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौसम में बदलाव से स्थिति फिर गंभीर हो सकती है।
फ्रांस में अगस्त के व्यस्त पर्यटन सीजन से पहले प्रशासन ने आग प्रभावित इलाकों में सुरक्षा उपाय और कड़े कर दिए हैं। गिरोंद में बच्चों और दिव्यांग लोगों के लिए संचालित अवकाश शिविरों पर रोक लगा दी गई है। आग से प्रभावित कस्बों और गांवों के अलावा आग और बोर्डो के बीच स्थित इलाकों से भी करीब 2.20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
जमीन और आसमान से आग बुझाने का व्यापक अभियान जारी है। दमकलकर्मियों के साथ पानी और अग्निरोधी रसायन गिराने वाले विमानों को भी अभियान में लगाया गया है। अधिकारियों के सामने मंगलवार से तापमान बढ़ने से पहले आग पर अधिक से अधिक नियंत्रण पाने की चुनौती है। बढ़ते तापमान के कारण आग पर काबू पाना और मुश्किल हो सकता है।
संकट बैठक के बाद मैक्रों ने तत्काल कोई बयान नहीं दिया। हालांकि, उन्होंने सप्ताहांत में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा था कि आग से प्रभावित समुदायों को लंबे समय तक सरकार का समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा था कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण और मरम्मत करेगी तथा जरूरत पड़ने तक लोगों के साथ खड़ी रहेगी।
स्पेन में भी 1.53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र आग की चपेट में
फ्रांस के साथ पड़ोसी स्पेन भी जंगल की भीषण आग से जूझ रहा है। मैड्रिड के आसपास और वालेंसिया क्षेत्र में लगी आग के चलते करीब 76 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 30 हजार लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्पेन के एविला क्षेत्र में लगी आग को देश के इतिहास की सबसे बड़ी जंगल की आग बताया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस आग में करीब 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र जल चुका है। इस साल अब तक स्पेन में कुल 1.53 लाख हेक्टेयर क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है, जो 2025 की पहली छमाही में जले क्षेत्रफल का करीब छह गुना है।
स्पेन की पारिस्थितिकी मंत्री सारा एगेसेन ने चेतावनी दी है कि मंगलवार से शुरू होने वाली एक और गर्मी की लहर आग के खतरे को और बढ़ा सकती है। यह इस साल स्पेन में आने वाली चौथी हीट वेव होगी।
जलवायु परिवर्तन पर उठे सवाल
फ्रांस और स्पेन में जंगल की आग के असामान्य रूप से बड़े पैमाने ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग को भी तेज कर दिया है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने कहा कि ये घटनाएं अलग-अलग हादसे नहीं हैं, बल्कि जलवायु आपातकाल का परिणाम हैं, जिसके कारण जंगल की आग अधिक भयावह और गर्मी की लहरें अधिक लगातार हो रही हैं।
आग से विस्थापित लोग अब अपने घरों में लौटने का इंतजार कर रहे हैं। मैड्रिड के पश्चिम में स्थित चापिनेरिया से अपने कुत्ते के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंची रोसियो डोमिंग्वेज ने बताया कि आग का मंजर किसी ‘प्रलय’ जैसा था। उन्होंने चिंता जताई कि वापसी के बाद पता नहीं चलेगा कि उनका घर सुरक्षित बचा है या आग में तबाह हो चुका है।








