गुजरात हाई कोर्ट का फैसला, केजरीवाल की अपील खारिज; जुर्माना बरकरार

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अहमदाबाद : गुजरात हाई कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े मामले में उन पर लगाए गए 25 हजार रुपये के जुर्माने को चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की पीठ ने एकल पीठ के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए जुर्माना बरकरार रखा।

यह मामला केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के वर्ष 2016 के उस निर्देश से जुड़ा है, जिसमें गुजरात विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था। गुजरात विश्वविद्यालय ने सीआईसी के इस निर्देश को गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

इसके बाद 31 मार्च 2023 को हाई कोर्ट की एकल पीठ ने सीआईसी के आदेश को रद्द कर दिया था और केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने आरटीआई कानून की प्रक्रिया के इस्तेमाल को लेकर भी टिप्पणी की थी। इसी आदेश के खिलाफ केजरीवाल ने अपील दायर की थी।

सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जुर्माना लगाए जाने के आधार पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि केजरीवाल ने प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी हासिल करने के लिए लगातार दबाव नहीं बनाया था। उन्होंने यह भी दलील दी कि सीआईसी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्यवाही शुरू की थी और केजरीवाल को औपचारिक आवेदन के बजाय एक पत्र के आधार पर मामले में पक्षकार बनाया गया।

हाई कोर्ट की खंडपीठ ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि अपील में ऐसी कोई ठोस वजह सामने नहीं आई है, जिसके आधार पर एकल पीठ के फैसले में हस्तक्षेप किया जाए। इसके साथ ही अदालत ने अपील खारिज करते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना बरकरार रखा।