डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच भारत की ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला अब भी मजबूत बनी हुई है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पिछले 72 घंटों के भीतर 9 भारतीय और भारत-आधारित मालवाहक जहाज सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं, जबकि लगभग 15 जहाज अभी भी पारगमन के लिए कतार में हैं।
शिप ट्रैकिंग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन 9 जहाजों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों के साथ-साथ विदेशी पंजीकरण वाले वे जहाज भी शामिल हैं जो भारत के लिए कच्चा तेल, उर्वरक और अन्य आवश्यक वस्तुएं लेकर रवाना हुए थे। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़े हुए तनाव के बावजूद समुद्री यातायात पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है, बल्कि यह नियंत्रित और निगरानी के तहत लगातार जारी है। कई जहाज पहले ही सुरक्षित रूप से इस संकरी जलसंधि को पार कर चुके हैं, जबकि अन्य जहाज फारस की खाड़ी में सुरक्षित अनुमति और अनुकूल परिस्थितियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जानकारों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा वैश्विक तेल आपूर्ति और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों और संबंधित देशों की निगरानी के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा रही है।
हाल के दिनों में इस मार्ग पर आवाजाही में कुछ सुस्ती देखी गई थी, हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिखाई दे रही है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में कुछ स्थिरता की उम्मीद भी जताई जा रही है।


