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डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता को लेकर बड़ा दावा किया है। ईरान ने कहा है कि उसके मिसाइल भंडार में 120 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और देश किसी भी संभावित संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद ईरान की रक्षा क्षमता कमजोर नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि देश के मिसाइल लॉन्चर और हथियारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हाल ही में कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है और उसके कई मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए हैं। ईरान ने इन रिपोर्टों को खारिज करते हुए उन्हें “भ्रामक प्रचार” बताया।
उधर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी हुई है। वहीं अमेरिका ने भी खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का आवागमन इसी रास्ते से होता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।
हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और संभावित युद्धविराम को लेकर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने मध्य-पूर्व में एक बार फिर अस्थिरता की आशंकाएं बढ़ा दी हैं।
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