डेस्क : संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तेजी से विकसित हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे द्वारा शुरू किए गए ‘ए कॉल फॉर कंट्रोल ऑफ फ्रंटियर एआई मॉडल्स’ अभियान का स्वागत किया।
गुटेरेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि इस पहल में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तंत्रों को मजबूत करने और ऐसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया गया है, जो एआई के लिए मानक तय कर सके, उनके सत्यापन की व्यवस्था कर सके और तकनीक की क्षमता निर्धारित सीमाओं को पार करने पर देशों को एक साथ ला सके।
उन्होंने एआई पर गठित स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल की पहली विषयगत रिपोर्ट जारी होने का भी स्वागत किया। गुटेरेस ने फ्रंटियर एआई प्रयोगशालाओं और एआई सुरक्षा संस्थानों समेत बाहरी विशेषज्ञों से पैनल के साथ जुड़ने का आग्रह किया।
मानव नियंत्रण में रहे एआई
पहल में कहा गया है कि एआई में जीवन को बेहतर बनाने, विज्ञान को आगे बढ़ाने और अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने की व्यापक क्षमता है, लेकिन फ्रंटियर एआई मॉडल का तेजी से विकास उचित नियंत्रण के अभाव में सुरक्षा और संरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसमें स्पष्ट किया गया कि एआई मानवीय दिशा-निर्देशन, निगरानी और नियंत्रण में रहना चाहिए तथा इसका विकास और इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप होना चाहिए।
इस पहल में कंपनियों से पारदर्शी सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने, एआई मॉडल के इस्तेमाल से पहले अनिवार्य परीक्षण और स्वतंत्र मूल्यांकन सुनिश्चित करने की अपील की गई है। स्वतंत्र एवं योग्य विशेषज्ञों को संभावित जोखिमों का आकलन करने के लिए पर्याप्त पहुंच देने की भी बात कही गई है।
सरकारों और क्षेत्रीय संगठनों से साझा मानकों को विकसित एवं समन्वित करने, गंभीर एआई सुरक्षा घटनाओं की रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बढ़ाने तथा दुनिया के सभी क्षेत्रों को वैज्ञानिक क्षमता, विशेषज्ञता और विश्वसनीय मूल्यांकन की सुविधा उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया है।
कई देशों का समर्थन
इस पहल को ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा, डेनमार्क, एस्टोनिया, जर्मनी, आइसलैंड, आयरलैंड, कजाकिस्तान, केन्या, लातविया, मोल्दोवा, नीदरलैंड, सिंगापुर, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों के नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों का समर्थन मिला है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इसका समर्थन किया है।
गुटेरेस ने एआई को बताया बड़ी चुनौती
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से पहले 16 सितंबर को दिए अपने संबोधन में गुटेरेस ने तेजी से बढ़ती एआई तकनीक को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों में शामिल किया था। उन्होंने बेकाबू एआई, जलवायु संकट और बढ़ती असमानताओं को तीन अस्तित्वगत खतरों के रूप में रेखांकित किया था।
गुटेरेस ने कहा था कि एआई में स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं, लेकिन दुनिया इसके जोखिमों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। उन्होंने एआई के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को आवश्यक बताते हुए कहा कि दुनिया एआई सुरक्षा में मानकों को कमजोर करने की प्रतिस्पर्धा का जोखिम नहीं उठा सकती।
उन्होंने ऐसे सुरक्षा उपायों की जरूरत बताई, जो लोगों का भरोसा कायम करें और एआई को सुरक्षित, पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाएं, जिसमें मानव गरिमा को केंद्र में रखा जाए।
गुटेरेस मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपना अंतिम संबोधन देने वाले हैं। महासचिव के रूप में उनका कार्यकाल समाप्ति की ओर है। 81वें सत्र की थीम “Restoring Trust, Managing Transformation: A United Nations That Delivers for All” रखी गई है।








