जामिया में फिर भड़का तनाव, छात्रसंघ चुनाव की मांग पर छात्रों और पुलिस में झड़प

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नई दिल्ली : दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच रविवार को एक बार फिर तनाव बढ़ गया। विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और धक्का-मुक्की की खबर सामने आई है। कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात भी कही गई, हालांकि पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने हिरासत में लिए जाने के दावे से इनकार किया है।

छात्र पिछले करीब दो सप्ताह से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने और छात्रसंघ को बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार जारी आंदोलन के कारण विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

12 अक्टूबर से जारी है छात्रों का आंदोलन

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ चुनाव की आधिकारिक समय-सारिणी जारी करे और निर्वाचित छात्रसंघ को बहाल करने की प्रक्रिया तेज करे।

प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्र भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ की बहाली से उन्हें अपनी समस्याओं और मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने लोकतांत्रिक तरीके से रखने का अवसर मिलेगा।

गेट नंबर 7 पर पुलिस और छात्रों के बीच झड़प

रविवार शाम को प्रदर्शन स्थल के नजदीक गेट नंबर 7 पर पुलिस और छात्रों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। घटना के बाद कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।

हालांकि, हिरासत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के दावे से इनकार किया है। ऐसे में इस मामले में आधिकारिक पुष्टि और आगे की जानकारी का इंतजार है।

घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई।

विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कर दी हैं सभी कक्षाएं

कैंपस में बढ़ते तनाव और छात्रों तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई झड़पों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं अगले आदेश तक ऑनलाइन संचालित करने का फैसला लिया है।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से लिया गया है। छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने और अगले आदेश तक परिसर में आने से बचने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा, विश्वविद्यालय प्रशासन ने अगले आदेश तक पुस्तकालय बंद रखने का भी निर्णय लिया है।

छात्रसंघ की बहाली को लेकर समिति गठित

छात्रों की मांगों पर बातचीत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18 अक्टूबर को सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की थी। समिति छात्रों के साथ बातचीत के माध्यम से आंदोलन समाप्त कराने और विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए भी समिति गठित की है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव की समय-सारिणी जारी करने और छात्रसंघ की बहाली को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग पर कायम हैं।

आगे क्या होगा?

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जारी गतिरोध के बीच अब सबकी नजर विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच होने वाली बातचीत पर है। एक तरफ छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने शैक्षणिक गतिविधियों और परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षाओं का फैसला किया है।

फिलहाल, प्रदर्शन को लेकर दोनों पक्षों के बीच समाधान निकलने और विश्वविद्यालय में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां बहाल होने का इंतजार है।