डेस्क : केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम के एक बयान ने भाजपा के भीतर सियासी हलचल बढ़ा दी है। ओराम ने आरोप लगाया है कि भाजपा के ही कुछ नेता उन्हें केंद्रीय मंत्री पद से हटाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ माहौल बनाने के लिए पैसे खर्च किए जा रहे हैं और उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
ओडिशा के सुंदरगढ़ से सांसद जुएल ओराम ने कहा कि कुछ नेताओं की नजर केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह बनाने पर है और इसी वजह से उनके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाफ साजिश के पीछे कौन लोग हैं।
पार्टी के भीतर गुटबाजी के संकेत
ओराम के इस आरोप को भाजपा के भीतर चल रही संभावित खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। छह बार लोकसभा सांसद रह चुके ओराम भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में एक केंद्रीय मंत्री का अपनी ही पार्टी के नेताओं पर साजिश का आरोप लगाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ओराम ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ओडिशा भाजपा के संगठन स्तर के नेताओं से भी बातचीत की है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ कथित दुष्प्रचार को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद उठा विवाद
यह विवाद उनके करीबी सहयोगी राकेश पासवान की राउरकेला में गिरफ्तारी के बाद सामने आया। पासवान पर सरकारी गेस्ट हाउस में कथित तौर पर अपराधियों को पनाह देने के आरोप लगे हैं। हालांकि, पासवान ने आरोपों से इनकार किया है।
इस मामले को लेकर विपक्ष पहले से ही भाजपा पर हमलावर है। अब जुएल ओराम के बयान ने भाजपा के भीतर की राजनीति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
2029 का चुनाव लड़ने का ऐलान
जुएल ओराम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले उन्होंने चुनावी राजनीति से दूर रहने का संकेत दिया था, लेकिन अब उन्होंने अपना फैसला बदलने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि वह अपने राजनीतिक विरोधियों का सामना करेंगे और आने वाले समय में सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे।
‘हाथ काट देंगे’ वाले बयान पर विवाद
अपने विरोधियों को चेतावनी देते हुए जुएल ओराम ने बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी प्रतिष्ठा और राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, उनसे वह मजबूती से निपटेंगे। इसी दौरान उन्होंने ‘हाथ काट देने’ जैसा तीखा बयान दिया।
ओराम के इस बयान के बाद विपक्ष को भाजपा पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है। विपक्षी दल इसे भाजपा के अंदरूनी असंतोष और गुटबाजी का संकेत बता रहे हैं।
फिलहाल, जिन भाजपा नेताओं पर जुएल ओराम ने साजिश रचने का आरोप लगाया है, उनके नाम सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि भाजपा नेतृत्व इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाता है।








