52 साल बाद विश्व कप में भारतीय बेटियों का जलवा, हॉकी इंडिया ने दिए 50 लाख

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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला हॉकी टीम के एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक पांचवें स्थान पर रहने पर हॉकी इंडिया ने टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। भारतीय टीम ने गुरुवार को नीदरलैंड्स के एम्सटेलवीन में खेले गए पांचवें-छठे स्थान के मुकाबले में विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज जर्मनी को 3-1 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की।

हॉकी इंडिया के अनुसार, विश्व कप में भारत का यह 52 वर्षों बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने विश्व कप के उद्घाटन संस्करण में 1974 में चौथा स्थान हासिल किया था।

सलिमा टेटे की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार जुझारूपन दिखाया। टीम को केवल एक मुकाबले में नीदरलैंड्स के हाथों हार का सामना करना पड़ा। भारत ने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी ऊंची रैंकिंग वाली टीमों को बराबरी पर रोका, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 से शानदार जीत दर्ज की।

जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम को शुरुआती दो क्वार्टर में कड़ी चुनौती मिली। जर्मनी ने लगातार हमले किए और पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किए, लेकिन गोलकीपर बिचु देवी और भारतीय रक्षापंक्ति ने मजबूती से मोर्चा संभाले रखा। पहले हाफ में दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं।

तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मुकाबले की तस्वीर बदल दी। 43वें मिनट में इशिका चौधरी ने सर्किल में शानदार दौड़ लगाते हुए रिवर्स लिफ्ट के जरिए गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके ठीक अगले मिनट भारत को अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे नवनीत कौर ने 44वें मिनट में गोल में बदलकर बढ़त 2-0 कर दी।

नवनीत ने इसके बाद 47वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागते हुए भारत को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। जर्मनी ने 59वें मिनट में लिन क्रिंग्स के जरिए एक गोल कर अंतर कम किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम क्षणों में संयम बनाए रखा और मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया।

गोलकीपर सविता पूनिया ने भी जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बचाव किए और अंतिम क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर को रोककर भारत की बढ़त बरकरार रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष पद्म दिलीप टिर्की ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करना भारतीय महिला हॉकी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 52 साल बाद विश्व कप में ऐसा प्रदर्शन टीम की मेहनत, दृढ़ता और जुझारू भावना का प्रमाण है। उन्होंने टीम के लिए 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा को खिलाड़ियों के प्रयासों के सम्मान का प्रतीक बताया।

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी टीम की सराहना करते हुए कहा कि सलिमा टेटे और उनकी टीम ने दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ जिस तरह मुकाबला किया, उससे देश गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सम्मान खिलाड़ियों को आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

अब भारतीय महिला हॉकी टीम का अगला लक्ष्य एशियाई खेल हैं, जहां टीम इस ऐतिहासिक विश्व कप अभियान के आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगी।