‘कांटे’ और ‘शूटआउट’ के निर्देशक संजय गुप्ता का निधन, फिल्म जगत स्तब्ध

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मुंबई :  हिंदी सिनेमा से एक दुखद खबर सामने आई है। चर्चित फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता का 57 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। शुक्रवार रात मुंबई स्थित अपने आवास पर गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। शनिवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने संजय गुप्ता के निधन की जानकारी साझा करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें एक शानदार कहानीकार, जीवंत व्यक्तित्व और सिनेमा के प्रति समर्पित फिल्मकार बताया। उनके अनुसार, घर में गिरने के कारण संजय गुप्ता के सिर में गंभीर चोट आई थी।

घर में गिरने से हुआ हादसा

प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, संजय गुप्ता शुक्रवार देर रात अपने घर में गिर गए थे। इस दौरान उनके सिर में गंभीर चोट लगी। बताया गया है कि घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य अपने कमरों में सो रहे थे। शनिवार सुबह परिवार को घटना की जानकारी मिली और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

मुंबई पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है।

‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ से मिली पहचान

संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में अपनी अलग शैली की एक्शन और अपराध आधारित फिल्मों के लिए पहचाने जाते थे। वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से उन्होंने निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘जंग’, ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।

वर्ष 2002 में आई फिल्म ‘कांटे’ उनके निर्देशन की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही। वहीं, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ ने उन्हें अपराध और एक्शन फिल्मों के एक विशिष्ट निर्देशक के रूप में पहचान दिलाई।

फिल्म जगत ने जताया शोक

संजय गुप्ता के निधन पर कई कलाकारों और फिल्मकारों ने दुख व्यक्त किया है। अभिनेता संजय दत्त ने उनके साथ बिताए वर्षों और गहरी दोस्ती को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने संजय गुप्ता के सपने ‘कांटे-2’ को पूरा करने की इच्छा भी जताई।

अभिनेत्री दिया मिर्जा, अभिनेता तुषार कपूर और फिल्मकार हंसल मेहता सहित कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। संजय गुप्ता के अचानक चले जाने से हिंदी फिल्म जगत ने एक ऐसे निर्देशक को खो दिया है, जिन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से एक अलग सिनेमाई पहचान बनाई थी।