कप्तान स्मृति मंधाना ने जीत के बाद टीम को सराहा

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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। पूर्णकालिक वनडे कप्तान के रूप में अपना पहला मैच खेल रहीं स्मृति मंधाना ने टीम को नौ विकेट से जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले के बाद मंधाना ने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के प्रदर्शन की सराहना की।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर को खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 197 रन पर सिमट गई। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 27.1 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 200 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

प्रतिका रावल का शतक, शेफाली का आक्रामक अंदाज

भारत की जीत में प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने अहम भूमिका निभाई। प्रतिका ने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए, जिसमें 15 चौके शामिल रहे। यह उनका तीसरा वनडे शतक है। वहीं, शेफाली वर्मा ने महज 33 गेंदों पर नाबाद 64 रन की तेजतर्रार पारी खेली।

स्मृति मंधाना ने भी 34 गेंदों पर 32 रन का योगदान दिया। उनके आउट होने के बाद प्रतिका और शेफाली ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और भारत को आसानी से लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

मैच के बाद मंधाना ने दोनों बल्लेबाजों की तारीफ करते हुए उनके प्रदर्शन को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहतरीन लय दिखाई।

श्री चरणी और क्रांति गौड़ की गेंदबाजी प्रभावी

इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पर अंकुश लगाया। श्री चरणी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 रन देकर चार विकेट हासिल किए। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ वनडे गेंदबाजी प्रदर्शन रहा। क्रांति गौड़ ने भी तीन विकेट लेकर जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने में अहम भूमिका निभाई। दीप्ति शर्मा ने दो विकेट हासिल किए, जबकि शेफाली वर्मा को एक विकेट मिला।

जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बीजा ने 92 गेंदों पर 62 रन बनाए। हालांकि, अन्य बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे और पूरी टीम 197 रन पर ऑलआउट हो गई।

क्षेत्ररक्षण में सुधार की जरूरत : मंधाना

जीत के बावजूद स्मृति मंधाना ने भारतीय टीम के क्षेत्ररक्षण में सुधार की गुंजाइश स्वीकार की। उन्होंने कहा कि टीम ने कुछ कैच छोड़े और खासकर 20वें से 35वें ओवर के बीच मैदान पर अधिक सक्रियता दिखाने की जरूरत थी।

मंधाना के मुताबिक, भारतीय टीम पिछले करीब सात महीनों से टी20 क्रिकेट खेल रही थी। ऐसे में 50 ओवर के प्रारूप में लौटने के लिए खिलाड़ियों को अपनी रणनीति और खेल के तरीके के अनुरूप ढलना जरूरी है। उन्होंने गेंदबाजों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया।

दूसरे वनडे पर रहेंगी निगाहें

पहले मुकाबले में दमदार जीत के बाद भारतीय टीम की नजरें अब सीरीज के दूसरे वनडे पर होंगी। पहले मैच में बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। हालांकि, कप्तान मंधाना के लिए क्षेत्ररक्षण में सुधार और वनडे प्रारूप में निरंतरता बनाए रखना आगे की चुनौती होगी।

भारत चाहेगा कि अगले मुकाबले में भी टीम का यही प्रदर्शन जारी रहे और सीरीज पर अपनी पकड़ और मजबूत की जाए।