डेस्क : भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्वाड (QUAD) देशों से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की आजादी, आर्थिक समृद्धि और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया है। अमेरिका के अटलांटा में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर ने मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए जयशंकर ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना, समृद्धि को आगे बढ़ाना और सभी देशों की स्वतंत्र विकल्प चुनने की क्षमता सुनिश्चित करना क्वाड की प्रमुख प्रतिबद्धताएं हैं। उन्होंने संगठन के एजेंडे को अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता भी बताई।
अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों से हुई चर्चा
बैठक में जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
जयशंकर ने प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में गैर-बाजार आधारित व्यापारिक गतिविधियों और बढ़ते आर्थिक दबावों का मुकाबला करने पर भी जोर दिया। हालांकि, इस संदर्भ में उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया।
AI के लिए 85 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता
क्वाड बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल सामने आई। संयुक्त वक्तव्य के अनुसार, चारों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में विश्वसनीय AI तकनीक तक पहुंच बढ़ाने के लिए 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की तकनीकी और वित्तीय सहायता देने की मंशा जताई।
इसके अलावा, अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में कचरे से महत्वपूर्ण खनिजों को पुनः प्राप्त करने वाली सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 10 मिलियन डॉलर की सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे और अन्य स्क्रैप से महत्वपूर्ण खनिज निकालना तथा आपूर्ति के लिए किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम करना है।
आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा पर भी जोर
जयशंकर ने क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आतंकवाद विरोधी सहयोग, समुद्री सुरक्षा और सदस्य देशों की क्षमता निर्माण से जुड़े समझौतों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
समुद्री सहयोग के तहत चारों देशों के प्रतिनिधियों ने 25 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच भारतीय तटरक्षक बल के एक अपतटीय गश्ती पोत पर चेन्नई से पर्थ तक यात्रा की थी। इसके अलावा, वर्ष 2027 में सी ड्रैगन अभ्यास के तहत हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी सहयोग पहल का पहला अभ्यास आयोजित करने की तैयारी है।
क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम की शुरुआत
बैठक में क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम शुरू करने की भी घोषणा की गई। इसका उद्देश्य भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना तथा महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कारोबारी अवसरों को बढ़ावा देना है।
गौरतलब है कि क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। अटलांटा में हुई यह इस वर्ष की तीसरी क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक थी। इससे पहले नई दिल्ली और मनीला में भी सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हो चुकी है।









