क्यूबा के समर्थन में भारत, 130 देशों ने अमेरिकी प्रतिबंधों का किया विरोध

0

डेस्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने एक बार फिर क्यूबा के समर्थन में खड़े होते हुए अमेरिका से उस पर लगाए गए आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय प्रतिबंध हटाने की मांग की है। बुधवार को इस मुद्दे पर पेश प्रस्ताव को 130 देशों का समर्थन मिला। हालांकि, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार क्यूबा के पक्ष में मतदान करने वाले देशों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई।

प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका और क्यूबा के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। क्यूबा के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी अधिकारी के बयान पर विरोध जताते हुए ‘झूठे-झूठे’ के नारे लगाए। इससे बैठक में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

अमेरिका और इजरायल समेत 17 देशों ने किया विरोध

संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने के पक्ष में 130 देशों ने मतदान किया। वहीं, अमेरिका और इजरायल सहित 17 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया। इनमें बोस्निया और हर्जेगोविना, चेक गणराज्य, लिथुआनिया, स्लोवेनिया, मोरक्को, यूक्रेन और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल हैं। इसके अलावा 25 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

1992 से उठ रही है प्रतिबंध हटाने की मांग

क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग वर्ष 1992 से लगभग हर साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाई जाती रही है। इस प्रस्ताव के माध्यम से क्यूबा की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव को रेखांकित करते हुए उन्हें हटाने की अपील की जाती है।

रिपोर्टों के अनुसार, इस बार क्यूबा के समर्थन में मतदान करने वाले देशों की संख्या पिछले करीब तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर रही। कुछ ऐसे देशों ने भी इस बार मतदान से दूरी बनाई, जो पहले प्रतिबंध हटाने के पक्ष में वोट देते रहे थे।

भारत ने हालांकि अपने पुराने रुख को कायम रखते हुए क्यूबा के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की मांग का समर्थन किया। मतदान के परिणामों से स्पष्ट है कि क्यूबा को अब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिल रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर देशों की भागीदारी में बदलाव दिखाई दे रहा है।