डेस्क : मां के हाथों से बने बर्मी व्यंजनों के स्वाद से शुरू हुआ सफर अब शेयर बाजार तक पहुंचने जा रहा है। लोकप्रिय रेस्तरां श्रृंखला बर्मा बर्मा का संचालन करने वाली कंपनी हंगर पैंग्स लिमिटेड ने अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। कंपनी ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए हैं। इस निर्गम के जरिए कंपनी देशभर में अपने रेस्तरां कारोबार का विस्तार करना चाहती है।
150 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे
कंपनी की ओर से दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ में 150 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक बिक्री प्रस्ताव के तहत 2.79 करोड़ तक शेयर बेचेंगे। इस बिक्री में कंपनी के प्रवर्तकों और कुछ निवेशक शेयरधारकों की हिस्सेदारी शामिल होगी।
नए शेयर जारी करने से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल देश के विभिन्न शहरों में नए बर्मा बर्मा रेस्तरां खोलने और सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने अभी आईपीओ की तारीख, शेयरों का मूल्य दायरा और अन्य प्रमुख विवरणों की अंतिम घोषणा नहीं की है।
मां की रेसिपी से आया रेस्तरां खोलने का विचार
बर्मा बर्मा की कहानी अंकित गुप्ता के परिवार से जुड़ी है। बचपन में मां के हाथों से बने बर्मी व्यंजनों का स्वाद चखते हुए उन्हें इस भोजन को अधिक लोगों तक पहुंचाने का विचार आया। खास तौर पर बर्मी व्यंजन खाओ सूए ने उन्हें प्रभावित किया।
इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए अंकित गुप्ता और शेफ अंसाब ने म्यांमार की यात्रा की। वहां के खानपान और संस्कृति को समझने के बाद उन्होंने भारतीय ग्राहकों के लिए बर्मी भोजन पर आधारित रेस्तरां की योजना बनाई। वर्ष 2014 में मुंबई में बर्मा बर्मा का पहला रेस्तरां शुरू हुआ। इसके बाद धीरे-धीरे इस ब्रांड ने अन्य शहरों में भी अपनी पहचान बनाई।
नौ शहरों में 22 रेस्तरां का संचालन
कंपनी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक हंगर पैंग्स देश के नौ शहरों में 22 रेस्तरां संचालित कर रही थी। इसके अलावा कंपनी के पास एक भोजन वितरण रसोई और तीन भंडारगृह भी थे। इसके रेस्तरां प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों, बड़े खरीदारी परिसरों और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में स्थित हैं।
कंपनी प्रीमियम एशियाई भोजन के क्षेत्र में काम करती है और बर्मा बर्मा ब्रांड के तहत म्यांमार के पारंपरिक व्यंजन परोसती है। कंपनी भविष्य में अपने रेस्तरां नेटवर्क को और व्यापक बनाने के साथ नए व्यंजनों और खाद्य ब्रांडों पर भी काम करना चाहती है।
एक साल में आय में 46 प्रतिशत से अधिक वृद्धि
हंगर पैंग्स के वित्तीय प्रदर्शन में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी की परिचालन आय वित्त वर्ष 2024-25 के 106.10 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 155.50 करोड़ रुपये हो गई। इस तरह आय में करीब 46.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इसी अवधि में ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का परिचालन लाभ 21.35 करोड़ रुपये से बढ़कर 25.68 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के लिए बढ़ती आय और रेस्तरां कारोबार का विस्तार आगे की विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
भोजन वितरण और पैकेज्ड उत्पादों पर भी नजर
कंपनी केवल रेस्तरां कारोबार तक सीमित नहीं रहना चाहती। वह भोजन वितरण सेवाओं, सीधे ग्राहकों तक उत्पाद पहुंचाने और तैयार भोजन तथा पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की बिक्री का विस्तार करने की योजना भी बना रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में भोजन वितरण कारोबार का कंपनी की परिचालन आय में 10.76 प्रतिशत योगदान रहा।
आईपीओ के जरिए जुटाई जाने वाली राशि कंपनी को नए रेस्तरां खोलने और कारोबार की पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकती है। हालांकि, निवेशकों के लिए कंपनी की विकास योजनाओं के साथ उसकी लागत, लाभप्रदता और भविष्य की प्रतिस्पर्धा का आकलन करना भी जरूरी होगा।
निवेशकों की नजर अब आईपीओ के मूल्य दायरे, निर्गम की तारीख और नियामकीय मंजूरी पर रहेगी। फिलहाल कंपनी ने केवल प्रारंभिक दस्तावेज दाखिल किए हैं। इसलिए निवेश से जुड़ा निर्णय लेने से पहले आईपीओ के अंतिम दस्तावेजों और कंपनी की वित्तीय स्थिति का अध्ययन करना महत्वपूर्ण होगा।









