मंदाकिनी ने खोला ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित झरने वाले सीन का राज

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डेस्क : अभिनेत्री मंदाकिनी ने करीब चार दशक पुरानी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित झरने वाले दृश्य को लेकर अपनी बात रखी है। यह दृश्य फिल्म की रिलीज के समय से ही चर्चा में रहा है। एक हालिया बातचीत में मंदाकिनी ने कहा कि शूटिंग के दौरान उन्हें इस दृश्य में किसी तरह की अश्लीलता महसूस नहीं हुई थी।

मंदाकिनी के अनुसार, जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की थी, तब वह काफी कम उम्र की थीं। उन्होंने बताया कि निर्देशक राज कपूर ने उन्हें दृश्य की पृष्ठभूमि और उसके उद्देश्य के बारे में समझाया था। अभिनेत्री ने कहा कि राज कपूर का निर्देशन करने का तरीका सहज था और शूटिंग के दौरान उन्हें किसी तरह की असहज स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।

झरने वाले दृश्य के बारे में बात करते हुए मंदाकिनी ने बताया कि शूटिंग के दौरान उन्हें कुछ असहजता महसूस हुई थी, जिसके बाद उन्होंने साड़ी को दोहरी कर लिया था। इसके बाद इसी रूप में दृश्य की शूटिंग पूरी की गई। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें उस दृश्य में अश्लीलता नजर नहीं आई।

फिल्म में बच्चे को दूध पिलाने वाले दृश्य को लेकर भी मंदाकिनी ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि वास्तव में बच्चे को स्तनपान नहीं कराया गया था। कैमरे के कोण और बच्चे को शरीर से लगाकर पकड़ने के कारण दृश्य ऐसा दिखाई देता था। उनके मुताबिक, इस दृश्य के माध्यम से मां और बच्चे के रिश्ते को दर्शाने का प्रयास किया गया था।

मंदाकिनी ने यह भी बताया कि फिल्म की सफलता के बाद कुछ निर्माताओं ने उनसे इसी तरह के झरने वाले दृश्य करने के लिए संपर्क किया था। हालांकि, उन्होंने ऐसे प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि किसी फिल्म की सफलता केवल किसी एक दृश्य पर निर्भर नहीं होती, बल्कि कहानी और फिल्म की संपूर्ण प्रस्तुति भी महत्वपूर्ण होती है।

राज कपूर के निर्देशन में बनी ‘राम तेरी गंगा मैली’ वर्ष 1985 में रिलीज हुई थी। फिल्म में मंदाकिनी ने गंगा की भूमिका निभाई थी। राज कपूर के निर्देशन में बनी यह अंतिम फिल्म थी और इसके बाद फिल्म के कई दृश्य तथा मंदाकिनी का किरदार लंबे समय तक चर्चा में रहे।