डेस्क : महानायक अमिताभ बच्चन अयोध्या में अपने दिवंगत पिता और प्रसिद्ध कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में धर्मशाला बनवाने की योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) में भवन के नक्शे की स्वीकृति के लिए आवेदन किया गया है। प्रस्तावित धर्मशाला में 20 से अधिक कमरे होने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह धर्मशाला अयोध्या के दशरथ पथ स्थित ‘द सरयू’ परियोजना में अमिताभ बच्चन की उस जमीन पर बनाई जाएगी, जिसे करीब 15 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। एडीए की ओर से प्रस्तावित भवन के संबंध में सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें लोगों से निर्धारित अवधि में आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। एडीए के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने भी अमिताभ बच्चन की ओर से 20 से अधिक कमरों वाली धर्मशाला के लिए आवेदन मिलने की पुष्टि की है। प्रस्तावित धर्मशाला का उद्देश्य अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना बताया गया है।
डॉ. हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों और लेखकों में शामिल रहे हैं। उनकी प्रसिद्ध कृति ‘मधुशाला’ आज भी हिंदी साहित्य की चर्चित रचनाओं में गिनी जाती है। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने शेक्सपियर की कई रचनाओं का हिंदी में अनुवाद भी किया था।
अमिताभ बच्चन की अयोध्या से जुड़ी यह पहल उनके पिता की स्मृति को एक स्थायी रूप देने की दिशा में देखी जा रही है। प्रस्तावित धर्मशाला के निर्माण और संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी स्वीकृति प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।








