लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की जा रही स्कूटी योजना के नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। अब योजना का लाभ केवल अधिक अंक हासिल करने वाली छात्राओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं को भी इसमें शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग इस योजना के प्रस्ताव को नए सिरे से तैयार कर रहा है। पहले योजना में छात्राओं के चयन के लिए मेरिट यानी अधिक अंक को प्रमुख आधार बनाने की बात थी, लेकिन अब सरकार का फोकस जरूरतमंद और गरीब छात्राओं तक योजना का लाभ पहुंचाने पर है।
नए प्रस्ताव में छात्राओं के अंकों के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को भी पात्रता का आधार बनाया जा सकता है। विभाग ऐसा फॉर्मूला तैयार करने में जुटा है, जिससे वास्तविक जरूरतमंद छात्राओं को प्राथमिकता मिल सके।
सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक परेशानियों के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो। स्कूटी मिलने से खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को कॉलेज पहुंचने में सुविधा होगी और वे अपनी उच्च शिक्षा को बिना बाधा जारी रख सकेंगी।
योजना के तहत विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाली पात्र छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की तैयारी है। विभाग की ओर से योजना के नियमों को अंतिम रूप देने और पात्रता मानकों को तय करने की प्रक्रिया जारी है।
सरकार का मानना है कि यह योजना महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी मददगार साबित होगी। अंतिम प्रस्ताव तैयार होने के बाद योजना के लाभार्थियों और चयन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।








