मखाना की खीर: स्वाद के साथ सेहत का मीठा संगम

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भारतीय रसोई में खीर सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि उत्सव, व्रत और पारिवारिक खुशियों से जुड़ा स्वाद है। चावल की खीर से लेकर सेवईं और मखाने की खीर तक, हर रूप में इसका अपना अलग स्वाद है। मखाना की खीर खास तौर पर व्रत-उपवास के दिनों में खूब पसंद की जाती है। दूध, मखाने और मेवों से तैयार यह खीर स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी मानी जाती है।

मखाना की खीर बनाने के लिए सामग्री

  • 2 कप मखाना
  • 1 लीटर फुल क्रीम दूध
  • 4-5 बड़े चम्मच चीनी
  • 8-10 बादाम, बारीक कटे हुए
  • 8-10 काजू, कटे हुए
  • 1 बड़ा चम्मच किशमिश
  • 4-5 छोटी इलायची, कुटी हुई
  • 1-2 चम्मच घी
  • 8-10 केसर के धागे
  • 1-2 चम्मच गर्म दूध, केसर भिगोने के लिए

मखाना की खीर बनाने की विधि

सबसे पहले मखानों को साफ करके एक कड़ाही में एक-दो चम्मच घी डालकर धीमी आंच पर भूनें। मखानों को तब तक भूनें, जब तक वे हल्के कुरकुरे न हो जाएं। अच्छी खीर के लिए मखानों का अच्छी तरह भुना होना जरूरी है।

अब भुने हुए मखानों को थोड़ा ठंडा होने दें। इनमें से करीब आधे मखानों को हल्का दरदरा कूट लें और बाकी मखानों को साबुत ही रहने दें। इससे खीर में मलाईदार गाढ़ापन और मखाने का अच्छा टेक्सचर दोनों मिलेंगे।

दूसरी ओर, एक भारी तले वाले बर्तन में दूध डालकर मध्यम आंच पर उबालें। दूध में उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और कुछ देर पकने दें। अब इसमें भुने हुए मखाने डालें।

मखानों को दूध में धीमी आंच पर करीब 15-20 मिनट तक पकाएं। बीच-बीच में खीर को चलाते रहें, ताकि दूध बर्तन के तले में न लगे। धीरे-धीरे मखाने नरम होने लगेंगे और दूध भी थोड़ा गाढ़ा हो जाएगा।

अब इसमें चीनी, कटे हुए बादाम, काजू और किशमिश डालें। इसके बाद केसर को गर्म दूध में भिगोकर खीर में मिला दें। अंत में कुटी हुई इलायची डालकर 3-4 मिनट और पकाएं।

जब खीर मनचाही गाढ़ी हो जाए तो गैस बंद कर दें। ध्यान रखें कि खीर ठंडी होने के बाद और गाढ़ी हो जाती है, इसलिए इसे बहुत ज्यादा गाढ़ा करके न पकाएं।

ऐसे करें सर्व

मखाना की खीर को गर्मागर्म या ठंडी, दोनों तरह से परोसा जा सकता है। ऊपर से थोड़े कटे हुए बादाम, पिस्ता और केसर डालकर सजाएं। व्रत के दिनों में यह एक स्वादिष्ट और संतोष देने वाला व्यंजन बन सकता है।

स्वाद में मिठास, परंपरा में अपनापन

मखाना की खीर की खासियत यही है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती, लेकिन इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है। दूध की मलाईदार मिठास, मखाने की हल्की कुरकुराहट और इलायची-केसर की खुशबू मिलकर इसे ऐसी मिठाई बना देती है, जो त्योहार हो या व्रत, हर मौके पर थाली की शोभा बढ़ाती है।