डेस्क : जापान के नागोया में शनिवार को 20वें एशियाई खेलों का आधिकारिक आगाज हुआ। मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह करीब दो घंटे चला। समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो, महारानी मासाको, युवराज अकिशिनो और एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुवाई निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने की। पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीत चुकीं मनु भाकर के साथ पवन सहरावत ने भारतीय ध्वज थामकर खिलाड़ियों की परेड में हिस्सा लिया। भारत की ओर से इन खेलों में 501 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है।
पहले गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को भारतीय दल का पुरुष ध्वजवाहक बनाया गया था, लेकिन समारोह की किट समय पर नहीं मिलने के कारण अंतिम समय में बदलाव किया गया। उनकी जगह पवन सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। सहरावत 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा रहे हैं।
समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद 45 देशों और एशिया की ओलंपिक परिषद की शरणार्थी टीम सहित कुल 46 दलों ने खिलाड़ियों की परेड में हिस्सा लिया।
भारत ने 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारतीय खिलाड़ियों ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था। नागोया में भी भारतीय दल से विभिन्न खेलों में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है।
एशियाई खेलों की कुछ स्पर्धाएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी हैं। महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने मेजबान जापान को आठ विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। वहीं, पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किए गए टेगबॉल में भी भारत पदक की दौड़ में बना हुआ है।
खेलों की तैयारियों के दौरान खिलाड़ियों ने आवास समेत कुछ व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया। मनु भाकर ने भारतीय खिलाड़ियों से इन चुनौतियों के बावजूद प्रतियोगिता के अनुभव का आनंद लेने और अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।








