‘नौकरी नहीं तो सिंहासन हिलेगा’, राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला

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नई दिल्ली :  सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि युवाओं को नौकरी नहीं मिलेगी तो सिंहासन हिलेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं की आवाज लगातार उठाती रहेगी।

राहुल गांधी ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान अब 8 अगस्त को प्रयागराज पहुंचेगा। इससे पहले यह अभियान कोटा और देहरादून में आयोजित किया जा चुका है। प्रयागराज में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और लंबे समय से सरकारी नौकरियों में भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।

पेपर लीक और लंबित भर्तियों पर निशाना

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने युवाओं के वर्तमान को प्रभावित किया है, जबकि लंबित भर्ती प्रक्रियाओं ने उनके भविष्य पर असर डाला है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस अपनी आवाज उठाती रहेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।

राहुल गांधी ने हाल में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस नेता ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।

छात्रों के लिए हेल्पलाइन शुरू

इसी बीच भारतीय युवा कांग्रेस ने छात्रों और युवाओं के लिए एक हेल्पलाइन शुरू करने की जानकारी दी है। संगठन के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने के कारण धमकी, ऑनलाइन दुर्व्यवहार या उत्पीड़न का सामना करने वाले छात्रों को कानूनी और संगठनात्मक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

युवा कांग्रेस ने दावा किया कि 20 जुलाई के प्रदर्शनों के बाद उसे कई छात्रों और युवाओं से शिकायतें मिली हैं। इनमें छात्रों और उनके परिजनों को कथित तौर पर धमकाने तथा परेशान करने के मामले शामिल हैं। संगठन ने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावित छात्र हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता ले सकते हैं।

प्रयागराज में 8 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और छात्रों की समस्याओं को राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है। राहुल गांधी के ‘सिंहासन हिलेगा’ वाले बयान ने इस अभियान को और आक्रामक राजनीतिक तेवर दे दिए हैं।