डेस्क : बैंकिपुर और दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार को लेकर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मंगलवार को बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि इन नतीजों में देश के बदलते राजनीतिक परिदृश्य की झलक दिखाई दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा BJP की लोकप्रियता में गिरावट आई है।
राउत ने कहा कि बैंकिपुर जैसे BJP के मजबूत गढ़ में पार्टी की हार महज एक उपचुनाव का परिणाम नहीं है, बल्कि जनता के बदलते रुख का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने BJP के “अहंकार” का जवाब दिया है।
बैंकिपुर में प्रशांत किशोर की जीत का जिक्र
बिहार की बैंकिपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने BJP के नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराकर अपना पहला चुनावी मुकाबला जीता। यह सीट लंबे समय से BJP का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है और 1995 से यहां BJP का प्रभाव रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के लिए भी यह सीट महत्वपूर्ण रही है।
संजय राउत ने बैंकिपुर में BJP की हार को खास तौर पर रेखांकित करते हुए कहा कि जिस सीट को BJP अपना मजबूत किला मान रही थी, वहां जनता ने पार्टी को जवाब दिया है।
दतिया में कांग्रेस की जीत का भी हवाला
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने BJP के आशुतोष तिवारी को हराया। राउत ने इस नतीजे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि BJP की कथित रणनीति और प्रयासों के बावजूद कांग्रेस ने सीट पर जीत दर्ज की।
हालांकि, गुजरात की मजलपुर सीट पर BJP के सतेंद्रभाई पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से हराया। राउत ने गुजरात के इस नतीजे को BJP के पक्ष में स्वीकार किया, लेकिन इसे कोई बड़ी राजनीतिक घटना मानने से इनकार किया।
राम मंदिर और NEET मुद्दे को लेकर BJP पर निशाना
ANI से बातचीत में राउत ने BJP की हार को अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के आरोपों और NEET-UG पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन से भी जोड़ने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव का जनादेश BJP के खिलाफ है और जनता ने राम मंदिर से जुड़े विवाद तथा छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर अपना रुख जाहिर किया है।
‘यह मिनी आम चुनाव नहीं, लेकिन भविष्य का संकेत’
राउत ने कहा कि वह इन उपचुनावों को “मिनी आम चुनाव” या कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं मानते, लेकिन इन नतीजों में भविष्य की राजनीति की दिशा दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि BJP बैंकिपुर जैसी अपनी मजबूत सीट नहीं बचा सकी। राउत के मुताबिक, इन नतीजों से संकेत मिलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP की लोकप्रियता पहले की तुलना में कमजोर हुई है।
उन्होंने प्रशांत किशोर की जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाने के बाद किशोर ने बैंकिपुर पर फोकस किया और प्रभावी चुनाव प्रचार के जरिए जीत हासिल की।
राउत ने BJP नेतृत्व और सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और आरोप लगाया कि BJP ने जनता का अपमान किया है।
बैंकिपुर में BJP के गढ़ का टूटना, दतिया में कांग्रेस की वापसी और गुजरात में BJP की बड़ी जीत—उपचुनाव के ये तीनों नतीजे फिलहाल अलग-अलग राजनीतिक संकेत दे रहे हैं। ऐसे में राउत का दावा है कि इन नतीजों में आने वाले समय की राजनीति का बदलता रुख दिखाई देने लगा है।








