डेस्क : राजस्थान के अलवर जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ब्रांच और जम्मू की मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स के संपर्क में रहने के आरोप में चार युवकों को हिरासत में लिया है। एजेंसियों के अनुसार आरोपी कथित तौर पर पैसे के लालच में सैन्य और रणनीतिक महत्व की सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचा रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को ईटाराणा आर्मी छावनी क्षेत्र के पास झोपड़ी गांव से उमेश जाटव और उसके तीन साथियों—संजय जाटव, धारा जाटव और आकाश जाटव—को हिरासत में लिया गया। मुख्य आरोपी उमेश से उद्योग नगर थाने में गहन पूछताछ की जा रही है, जबकि उसके साथियों से अलग-अलग पूछताछ कर नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
फर्जी सोशल मीडिया खातों से संपर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स ने महिलाओं के नाम से बनाए गए फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सऐप खातों के जरिए युवकों से संपर्क किया। पहले दोस्ती की गई और बाद में पैसों का लालच देकर सैन्य एवं रणनीतिक जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों की नजर ईटाराणा सैन्य छावनी, रेलवे स्टेशन और वंदे भारत ट्रेन की आवाजाही से जुड़ी गतिविधियों पर थी। आरोप है कि इनसे संबंधित फोटो, वीडियो और सूचनाएं पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक भेजी गईं। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कौन-कौन सी संवेदनशील जानकारी साझा की गई और उसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर कितना असर हो सकता था।
बैंक खातों और मोबाइल की जांच
जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट, फोटो-वीडियो और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। एजेंसियों को शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध डिजिटल साक्ष्य मिलने की जानकारी है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों को कितनी रकम मिली और इस कथित नेटवर्क के पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
नेटवर्क में और लोगों की तलाश
जांच एजेंसियों को आशंका है कि मुख्य आरोपी ने पैसों के लालच में अपने कुछ अन्य परिचितों को भी कथित नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की। इसी आधार पर कुछ अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि पाकिस्तान तक संवेदनशील सूचनाएं पहुंचाने वाला यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल मिलिट्री इंटेलिजेंस और राजस्थान पुलिस की स्पेशल ब्रांच मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।








