नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से भारी तबाही, मृतकों की संख्या 584 पहुंची; 2,482 लोग लापता

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काठमांडू :  नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। आपदा में अब तक 584 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2,482 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाकों, सुरंगों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक राहत और बचाव दलों की पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है।

नेपाल के त्रिशुली क्षेत्र में भारी बारिश के कारण मौसम खराब होने से बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टरों की उड़ान भी रोक दी गई है। इस बीच नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

नेपाल में बाढ़ के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित गंडक बैराज में पानी के स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। फिलहाल नदी का जलस्तर करीब 97,500 क्यूसेक दर्ज किया गया है, जिसे सामान्य सीमा के भीतर माना जा रहा है।

चीन ने जताई संवेदना

आपदा को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के प्रति संवेदना व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र में चीन के मिशन के अनुसार, शी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि दोनों देशों के लोग जल्द से जल्द इस आपदा से उबरने और प्रभावित परिवारों को दोबारा बसाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

नेपाल में 579 और तिब्बत में 5 लोगों की मौत

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में 579 लोगों और तिब्बत में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। नेपाल में 1,924 और तिब्बत में 558 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों से सूचनाएं लगातार मिलने के कारण मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

77 तीर्थयात्रियों से संपर्क नहीं

इस बीच चीन-नेपाल सीमा के पास बाढ़ की चपेट में आए ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों से अब तक संपर्क नहीं हो सका है। यह समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया था। समूह की समन्वयक मां गंभीरी के अनुसार, आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु आपदा प्रभावित जियारोंग क्षेत्र में जाकर राहत कार्यों में मदद करना चाहते थे, लेकिन उन्हें आवश्यक अनुमति नहीं मिल सकी।

41 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक लापता

ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, नेपाल में लापता ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। इनमें न्यू साउथ वेल्स के न्यूकैसल की 46 वर्षीय रेशमा पटेल भी शामिल हैं। वह ईशा फाउंडेशन के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 11 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के दल का हिस्सा थीं। उनकी मित्र चिन वालसन के अनुसार, आपदा से करीब 10 मिनट पहले रेशमा की आखिरी लोकेशन तिब्बत-नेपाल सीमा के पास दर्ज हुई थी।

वहीं, 25 वर्षीय कारा सेवेरिनो ने अपने परिवार से संपर्क कर लिया है। बताया गया है कि वह आपदा प्रभावित क्षेत्र से अलग स्थान पर ट्रेकिंग कर रही थीं।

भारत ने बढ़ाई राहत-बचाव की मदद

बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत ने भी राहत एवं बचाव प्रयासों में सहयोग बढ़ाया है। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें और पुल बह जाने से राहत दलों की आवाजाही प्रभावित हुई है। लगातार बारिश और नए बाढ़ के खतरे के बीच बचाव एजेंसियां मौसम और नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।