पाकिस्तान पर भारत का दबदबा कायम, करीब चार साल से नहीं मिली हार

0

स्पोर्ट्स डेस्क : भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबला हमेशा से रोमांच और जुनून से भरा रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला नहीं होने के कारण अब मुकाबले मुख्य रूप से बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ही देखने को मिलते हैं। हाल ही में महिला एशिया कप में भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को सात विकेट से हराकर अपना दबदबा कायम रखा।

भारतीय महिला टीम ने दुबई में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान को महज 55 रन पर समेट दिया। इसके बाद भारत ने 8.4 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ लगातार अपना वर्चस्व बनाए रखा।

चार साल से पाकिस्तान के खिलाफ अजेय

पुरुष और महिला टीमों को मिलाकर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ लगातार पिछले 15 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले जीते हैं। भारतीय टीम को आखिरी बार पाकिस्तान के खिलाफ हार अक्टूबर 2022 में महिला एशिया कप में मिली थी। सिलहट में खेले गए उस मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को 13 रन से हराया था।

पुरुष टीम की बात करें तो उसे पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी हार सितंबर 2022 में एशिया कप में मिली थी। दुबई में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान ने भारत को पांच विकेट से हराया था। इसके बाद अक्टूबर 2022 में टी-20 विश्व कप में भारत ने पाकिस्तान को चार विकेट से हराकर पिछली हार का हिसाब चुकता किया था। विराट कोहली की नाबाद 82 रन की पारी इस मुकाबले में भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी थी।

लगातार जीत का सिलसिला

इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ लगातार जीत दर्ज की है। वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक पुरुष और महिला टीमों ने अलग-अलग प्रारूपों में पाकिस्तान को लगातार शिकस्त दी है। हालिया महिला एशिया कप मुकाबले में भी भारतीय टीम ने एकतरफा अंदाज में जीत हासिल की।

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ मुकाबलों के नतीजे भारतीय टीम के स्पष्ट दबदबे को दर्शाते हैं। पुरुष टीम ने 2023 और 2025 में कई मुकाबलों में पाकिस्तान को हराया, जबकि महिला टीम ने भी लगातार जीत दर्ज की है।

हालिया मुकाबले में पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में केवल 55 रन पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान के बल्लेबाज पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। भारत ने बेहद आसानी से लक्ष्य हासिल कर सात विकेट से जीत दर्ज की।

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता में जहां हर मुकाबला खास माना जाता है, वहीं पिछले करीब चार वर्षों के आंकड़े भारतीय टीमों के लगातार बेहतर प्रदर्शन की कहानी बताते हैं।