पाकिस्तानी जासूसी कनेक्शन की जांच तेज, 13 नौसेना कर्मियों से पूछताछ

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डेस्क : आंध्र प्रदेश की काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने पाकिस्तान से जुड़े कथित जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच के दौरान 18 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें 13 नौसेना कर्मी बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि विशाखापत्तनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड और अन्य संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाई गई।

मामले में नौसेना के एक कर्मचारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रदीप मुखर्जी और नौसेना अधिकारियों के लिए अनुबंध पर चालक के रूप में काम करने वाला अन्नम साई वरप्रसाद शामिल है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

हनी ट्रैप के जरिए बनाया गया संपर्क

जांच में सामने आया है कि नौसेना कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के संपर्क में आया था। आरोप है कि ऑनलाइन संपर्क और हनी ट्रैप के जरिए उससे नौसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल की गई। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कौन-कौन सी सूचनाएं साझा की गईं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

10 राज्यों में जांच का दायरा

जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जांच का दायरा बढ़ाया है। संदिग्धों के बीच एन्क्रिप्टेड माध्यमों से संपर्क होने की भी जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां उनके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही हैं।

काउंटर इंटेलिजेंस थाने में इस मामले में दो सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान सामने आए 18 संदिग्धों में से 13 के नौसेना से जुड़े होने की बात सामने आई है। फिलहाल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।

विशाखापत्तनम देश के प्रमुख सामरिक केंद्रों में शामिल है। यहां ईस्टर्न नेवल कमांड, नौसेना डॉकयार्ड और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे में कथित जासूसी नेटवर्क का खुलासा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।