पंजाब कांग्रेस में खुलकर सामने आई कलह, वारिंग के फैसले के खिलाफ चन्नी ने जलालपुर से की मुलाकात

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डेस्क : पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग द्वारा पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर को पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी उनसे मिलने उनके आवास पर पहुंच गए। चन्नी की जलालपुर से मुलाकात को पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के बीच वारिंग के लिए एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

जलालपुर ने हाल ही में पार्टी की कार्यशैली और प्रदेश नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए थे। इसके कुछ ही घंटों बाद चन्नी उनके घर पहुंचे। मुलाकात के बाद चन्नी ने पार्टी में वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ की जा रही अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी पद या अध्यक्ष की कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि पंजाब के मुद्दों की लड़ाई है। उन्होंने नेतृत्व से सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की अपील की।

जलालपुर ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

पार्टी से निलंबित पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना कारण बताओ नोटिस के कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि राजा वारिंग के दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंजाब में कांग्रेस का ग्राफ गिरा है।

जलालपुर ने केंद्रीय नेतृत्व के नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप से भी इनकार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पार्टी में संगठन को मजबूत करने की बात करना गलत नहीं है, तो उनके खिलाफ ही कार्रवाई क्यों की गई।

वारिंग ने किया कार्रवाई का बचाव

दूसरी ओर, पटियाला में पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजा वारिंग ने जलालपुर के खिलाफ कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि जलालपुर को संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण निलंबित किया गया है।

वारिंग और चन्नी खेमे के बीच बढ़ती दूरी का असर पार्टी के कार्यक्रमों में भी दिखाई दिया। पटियाला में वारिंग और भूपेश बघेल की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम से कई वरिष्ठ नेताओं ने दूरी बनाए रखी, जबकि चन्नी की जलालपुर से मुलाकात में कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नजर आए। इनमें सांसद धर्मवीर गांधी और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु प्रमुख रहे।

चन्नी समर्थकों की नारेबाजी से भी बढ़ी असहजता

पंजाब कांग्रेस में खेमेबाजी का एक और संकेत उस समय मिला, जब पार्टी के एक कार्यक्रम में चन्नी के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए। यह घटनाक्रम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वारिंग और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में सामने आया। इससे पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान और स्पष्ट हो गई।

पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस नेतृत्व के सामने अब संगठन में एकजुटता बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। पार्टी आलाकमान की ओर से मतभेद दूर करने की कोशिशों के बावजूद प्रदेश कांग्रेस में अलग-अलग गुटों की सक्रियता ने नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।