पुंछ : जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने के दौरान हुए विस्फोट में सेना के दो जवान घायल हो गए। यह घटना मेंढर सेक्टर में हुई। हादसे के बाद दोनों घायल जवानों को तत्काल उपचार के लिए सैन्य अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, एलओसी से सटे इलाके में सेना की टीम नियमित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत संदिग्ध बारूदी सुरंग को निष्क्रिय करने की कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी चपेट में आने से दो जवान घायल हो गए। धमाके के बाद मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने तत्काल स्थिति संभाली और घायल जवानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सैन्य अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना के बाद घायल दोनों जवानों को प्राथमिक उपचार देने के बाद सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल सेना की ओर से जवानों की चोटों और उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
एलओसी के पास बारूदी सुरंगों का खतरा
पुंछ जिले का मेंढर सेक्टर नियंत्रण रेखा से सटा हुआ संवेदनशील क्षेत्र है। एलओसी के आसपास कई स्थानों पर सुरक्षा कारणों से बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं। समय के साथ इन क्षेत्रों में पुरानी बारूदी सुरंगों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करना सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना रहता है।
सुरक्षा बल संदिग्ध विस्फोटक मिलने पर विशेष सावधानी के साथ उन्हें निष्क्रिय करने की कार्रवाई करते हैं। इसके लिए प्रशिक्षित जवानों और विशेषज्ञ टीमों की मदद ली जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान यह हादसा हुआ।
घटना के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
विस्फोट के बाद संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षाबलों ने घटनास्थल के आसपास जांच की और यह सुनिश्चित किया कि इलाके में कोई अन्य संदिग्ध विस्फोटक मौजूद न हो। पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
पुंछ और राजौरी जिले एलओसी से सटे होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। इन इलाकों में सेना की ओर से नियमित रूप से निगरानी और तलाशी अभियान चलाए जाते हैं। बारूदी सुरंगों और अन्य विस्फोटकों से जुड़े मामलों में सुरक्षा बल अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं।
फिलहाल हादसे में घायल दोनों जवानों का उपचार जारी है। घटना के संबंध में सेना की ओर से आधिकारिक रूप से और जानकारी सामने आने का इंतजार है।








