राम मंदिर न्यास का बड़ा फैसला, पूर्व वायु मार्शल जीतेंद्र मिश्रा बने पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी

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डेस्क : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने राम मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला किया है। न्यास की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में सेवानिवृत्त वायु मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया।

न्यास की बैठक अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के मणिरामदास छावनी स्थित आवास पर हुई। बैठक में न्यास के तीन रिक्त सदस्य पदों को भरने के साथ ही मंदिर के लिए प्रस्तावित मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम पर भी अंतिम निर्णय लिया गया।

करीब चार दशक तक वायुसेना में दी सेवा

जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक तक सेवा दे चुके हैं। वे पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के पद से तीस अप्रैल दो हजार छब्बीस को सेवानिवृत्त हुए। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और विभिन्न अभियानों में नेतृत्व किया।

जीतेंद्र मिश्रा को वर्ष दो हजार पच्चीस में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। इससे पहले उन्हें वर्ष दो हजार चौबीस में अति विशिष्ट सेवा पदक और वर्ष दो हजार तेरह में विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है।

मंदिर प्रबंधन को पेशेवर बनाने की तैयारी

राम मंदिर के निर्माण के बाद अब न्यास का ध्यान मंदिर के दीर्घकालीन प्रशासन, श्रद्धालुओं की व्यवस्था, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और अन्य गतिविधियों को व्यवस्थित करने पर है। इसी उद्देश्य से पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद बनाया गया है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदिर न्यास के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनके जिम्मे न्यास के अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन के साथ-साथ नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी।

तीन नए सदस्य भी शामिल

न्यास की बैठक में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति भी की गई। महेश भागचंद, मदनमोहन पाण्डेय और निर्मला यादव को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में शामिल किया गया है। ये पद पहले रिक्त हो गए थे।

दरअसल, चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण के बाद न्यास के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दिया था। छह जुलाई को हुई बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे।

चयन के लिए बनाई गई थी समिति

मुख्य कार्यकारी अधिकारी के चयन के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई गई थी। समिति ने प्राप्त आवेदनों की जांच और विभिन्न चरणों में उम्मीदवारों के मूल्यांकन के बाद अंतिम नामों का पैनल तैयार किया। इसके बाद न्यास की बैठक में जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई गई।

न्यास की ओर से यह नियुक्ति ऐसे समय में की गई है, जब राम मंदिर निर्माण के बाद उसके प्रशासन और संचालन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सैन्य प्रशासन और नेतृत्व का लंबा अनुभव रखने वाले जीतेंद्र मिश्रा से मंदिर व्यवस्था में अनुशासन और पेशेवर प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।