मुंबई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की रिफॉर्म एक्सप्रेस आने वाले समय में और तेज गति से आगे बढ़ेगी। मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के फिनटेक क्षेत्र की उपलब्धियों और डिजिटल भुगतान में यूपीआई की भूमिका को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा शानदार रही है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) इस सफलता के सबसे बड़े वाहकों में से एक है। उन्होंने फिनटेक क्षेत्र से यूपीआई की वैश्विक पहुंच को और बढ़ाने तथा इसे दूसरे देशों की स्थानीय भुगतान प्रणालियों से जोड़ने पर जोर दिया।
पीएम मोदी के मुताबिक, यूपीआई वर्तमान में 11 देशों में काम कर रहा है और इसे सिंगापुर की स्थानीय भुगतान प्रणाली से भी जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य उन देशों तक पहुंच बढ़ाने का होना चाहिए, जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं, भारत के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत हैं या जो अपनी भुगतान प्रणालियों को भारत के साथ जोड़ने में रुचि रखते हैं।
प्रवासियों के लिए कम हो सकती है पैसे भेजने की लागत
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशों में काम करने वाले बड़ी संख्या में भारतीय अपने परिवारों को पैसा भेजते हैं। अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण में लगने वाली लेनदेन लागत का एक हिस्सा बचाने में यूपीआई मददगार हो सकता है। इससे पैसा परिवारों तक तेजी से पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यूपीआई सिर्फ डिजिटल भुगतान की तकनीक नहीं है, बल्कि भारत के पास अब अपनी भुगतान प्रणाली, नियम और मानक विकसित करने की क्षमता भी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने बनाए मानकों को दुनिया के साथ जोड़ सकता है।
साइबर सुरक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने फिनटेक उद्योग से भुगतान के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों के बाद अब गैर-भुगतान आधारित वित्तीय सेवाओं पर भी ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा समाधान विकसित करने और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के मजबूत मानक तैयार करने की जरूरत बताई।
मोदी ने एक मजबूत फिनटेक नियामकीय व्यवस्था और फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक विकसित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि इससे कंपनियों की पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण के आधार पर बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि ने वैश्विक स्तर पर भरोसा बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सुधारों की यह गति आगे भी जारी रहेगी और भारत की फिनटेक क्षमता वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।








