अयोध्या: उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कई बड़ी घोषणाएं कीं। अयोध्या के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने का ऐलान किया। वहीं सहायिकाओं का मानदेय भी बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा से प्रदेश की दो लाख 51 हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलने की बात कही गई है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान को सरकार लगातार सम्मान देने का काम कर रही है। उन्होंने कोरोना काल के दौरान आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका का भी उल्लेख किया।
हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा
कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ी राहत दी गई है। मुख्यमंत्री ने हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा की घोषणा की। इस सुविधा का लाभ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवार को मिलने की बात कही गई है। इससे गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सकेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सालाना 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर का प्रावधान बताया गया है।
सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त साड़ी की व्यवस्था की भी घोषणा की। इसके लिए 500 रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम के दौरान करीब 29 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई।
मानदेय में लगातार हुई बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 8 हजार रुपये किया गया। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने की घोषणा की गई है। इसी तरह सहायिकाओं का मानदेय 1500 रुपये से बढ़ाकर 4 हजार रुपये किया गया था, जिसे अब 6 हजार रुपये किया गया है।
सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों को तकनीक से जोड़ने और उन्हें स्मार्ट बनाने की दिशा में भी पहल की जा रही है। अयोध्या के कार्यक्रम में स्मार्टफोन और रियल टाइम डेटा जैसी व्यवस्थाओं से आंगनबाड़ी केंद्रों को जोड़ने की बात भी सामने आई।








