अमेरिका ने कनाडा पर कसा शिकंजा, कई आयात पर रोक और नए टैरिफ लागू

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डेस्क : अमेरिका ने कनाडा के खिलाफ व्यापारिक मोर्चे पर एक और बड़ा कदम उठाते हुए कई श्रेणियों के कनाडाई उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इसके साथ ही पहले से लगाए गए टैरिफ में भी बदलाव किया गया है। यह कार्रवाई कनाडा की ओर से अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए जवाबी शुल्क के बाद की गई है।

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1930 के टैरिफ अधिनियम की धारा 338 के तहत कई घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए हैं। इस प्रावधान का इस्तेमाल बेहद कम हुआ है और इसके तहत अमेरिका उन देशों से आयात पर रोक लगा सकता है, जिन पर वह अमेरिकी व्यापार के साथ अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाता है।

नई व्यापारिक कार्रवाई के तहत कनाडा के डेयरी उत्पादों, अधिकांश मादक पेय और मोटरसाइकिलों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक ये प्रतिबंध करीब तीन सप्ताह में प्रभावी होंगे।

इसके अलावा 20 जुलाई को घोषित टैरिफ सूची में भी बदलाव किया गया है। सीमेंट, सड़क पर बर्फ पिघलाने के लिए इस्तेमाल होने वाले नमक और कुछ चिकित्सा आपूर्ति जैसे उत्पादों को सूची से हटाया गया है। वहीं, ऑल-टेरेन व्हीकल्स (एटीवी), कुछ प्रकार के पनीर और मोटरबोट समेत कई नए उत्पादों पर टैरिफ लगाया गया है। ये बदलाव करीब एक सप्ताह में प्रभावी हो जाएंगे।

अमेरिकी प्रशासन ने संघीय सरकारी खरीद एजेंसियों को भी कनाडा में निर्मित वस्तुओं को सरकारी खरीद की एक सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। इस सूची का अनुमानित मूल्य करीब 50 अरब अमेरिकी डॉलर है।

इस बीच, कनाडाई कारों और धातुओं पर टैरिफ को 1 जनवरी से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की पहले की गई अमेरिकी चेतावनी भी बरकरार है।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि कनाडा और चीन ऐसे दो प्रमुख देश रहे, जिन्होंने अमेरिका के टैरिफ कदमों के जवाब में अपने स्तर पर जवाबी शुल्क लगाए, जबकि जापान और यूरोपीय संघ समेत कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं ने बातचीत का रास्ता चुना और अमेरिका के साथ समझौते किए।

अधिकारी के मुताबिक कनाडा के प्रांतों द्वारा अमेरिकी शराब को दुकानों से हटाने और अमेरिकी कंपनियों को प्रांतीय सरकारी खरीद बाजार से दूर रखने जैसे कदमों ने व्यापार विवाद को और बढ़ाया। अमेरिका का कहना है कि इन्हीं कार्रवाइयों ने धारा 338 के तहत आयात प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाने का आधार तैयार किया।

भारत के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका की मौजूदा व्यापार नीति में उन देशों और अर्थव्यवस्थाओं के बीच अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जो बातचीत के जरिए समाधान तलाश रहे हैं और जो अमेरिकी शुल्क के जवाब में प्रतिशोधात्मक कदम उठा रहे हैं। भारत ने अब तक जवाबी टैरिफ के रास्ते से दूरी बनाए रखी है और अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत जारी रखी है।

अमेरिकी अधिकारियों ने इस आशंका को भी खारिज किया कि कनाडा के साथ व्यापार विवाद का असर आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की संभावनाओं पर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि जिन वस्तुओं को निशाना बनाया गया है, उनका अमेरिकी उपभोक्ता बाजार में हिस्सा बेहद कम है।

अधिकारी ने यह भी बताया कि अमेरिका और कनाडा के बीच हाल के दिनों में कनाडा के मंत्री डोमिनिक लेब्लांक के साथ रचनात्मक बातचीत हुई है। दोनों पक्षों के बीच आगे भी वार्ता जारी रहने की उम्मीद है, हालांकि नए प्रतिबंध लागू होने से पहले विवाद के समाधान की कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।

कनाडाई विमान निर्माता कंपनी बॉम्बार्डियर पर अलग से प्रतिबंध लगाने की अमेरिकी चेतावनी के संबंध में अधिकारी ने कहा कि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।