डेस्क : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में भारत ने एक बार फिर अपनी सक्रिय भूमिका की इच्छा जताई है। यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यदि भारत किसी भी तरह से युद्ध समाप्त कराने में मदद कर सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है।
जयशंकर का यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है और शांति स्थापित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। कीव में पत्रकारों ने जब उनसे दोनों देशों के बीच मध्यस्थता में भारत की संभावित भूमिका को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि भारत किसी भी संभव तरीके से मदद करने के लिए तैयार है।
यूक्रेनी विदेश मंत्री से मुलाकात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी यूक्रेन और पोलैंड यात्रा के दौरान कीव पहुंचे हैं। यूक्रेन में उनकी मुलाकात विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से होनी है। इसके बाद वह पोलैंड में वहां के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर की यूक्रेन और पोलैंड यात्रा 3 से 5 सितंबर तक है।
काला सागर में भारतीयों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा
जयशंकर ने कहा कि बातचीत के दौरान काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी चर्चा में आया। हाल के सप्ताहों में काला सागर क्षेत्र में हुए हमलों में भारतीय नागरिकों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही भी भारत के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।
शांति प्रयासों में भारत की भूमिका
भारत लगातार रूस-यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। जयशंकर का ताजा बयान संकेत देता है कि भारत दोनों पक्षों के बीच संवाद और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हालांकि, भारत ने अभी किसी औपचारिक मध्यस्थता प्रस्ताव की घोषणा नहीं की है।








