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डेस्क : बकरीद के बाद देश में सड़क पर नमाज़ और अज़ान को लेकर शुरू हुई बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है। इसी मुद्दे पर एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर कड़ा हमला बोला है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में धार्मिक प्रथाओं को लेकर अनावश्यक रोक-टोक की जा रही है, जिससे समाज में तनाव का माहौल बन रहा है।
ओवैसी ने कहा कि नमाज़ और अज़ान इस्लाम का अभिन्न हिस्सा हैं और इन्हें लेकर सड़क पर रोक लगाना धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के समय ही ऐसे मुद्दे क्यों उठते हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कई राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, जबकि सरकार की ओर से कहा गया है कि सार्वजनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से यदि यातायात बाधित होता है या आम जनता को परेशानी होती है, तो उस पर कार्रवाई की जाती है। वहीं विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
बकरीद के बाद उठे इस विवाद ने एक बार फिर धार्मिक स्वतंत्रता बनाम सार्वजनिक व्यवस्था की बहस को तेज कर दिया है, जो अब राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील रूप लेता जा रहा है।
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