शुभेंदु अधिकारी पर हुमायूं कबीर के बयान से बंगाल की राजनीति में बवाल

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डेस्क  :  पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के नेता हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसमें उन्होंने उनके जल्द दुनिया से चले जाने की कामना की। उनके बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

रिपोर्टों के मुताबिक, हुमायूं कबीर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वह शुक्रवार की नमाज में शुभेंदु अधिकारी के जल्द दुनिया से चले जाने की दुआ करेंगे। अपने बयान में उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अजीत पवार से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया।

पुलिस कार्रवाई को लेकर जताई नाराजगी

हुमायूं कबीर ने अपने बयान को लेकर सफाई देते हुए दावा किया कि उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है और उन पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उनके भीतर नाराजगी है।

उनके बयान के बाद बीजेपी विधायक कौस्तव बागची सहित अन्य नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। बागची ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी व्यक्ति की मृत्यु की कामना करना उचित नहीं है।

पहले भी विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं

हुमायूं कबीर इससे पहले भी अपने सार्वजनिक बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। जून 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा में शुभेंदु अधिकारी ने उनके कुछ कथित भड़काऊ बयानों का मुद्दा उठाते हुए उन्हें भविष्य में सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी बरतने को कहा था। अधिकारी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।

सितंबर में भी शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर की कथित धमकियों को लेकर निर्वाचन आयोग और पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।

ताजा बयान के बाद एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, हुमायूं कबीर की ओर से अपने बयान की बाद की सफाई या वापसी के संबंध में अलग-अलग रिपोर्टों में अलग विवरण सामने आ रहे हैं, इसलिए इस हिस्से को उनके अगले आधिकारिक बयान के साथ ही स्पष्ट माना जा सकता है।