डेस्क : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मैनपुरी की सियासत में एक बार फिर अपर्णा यादव के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेत्री और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने मैनपुरी में चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मैनपुरी से चुनाव लड़ने की उनकी इच्छा नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी जहां से चुनाव लड़ने के लिए कहेगी, वह वहां से मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।
अपर्णा यादव बुधवार को मैनपुरी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अग्निशिखा जिला युवती सम्मेलन में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे मैनपुरी से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और पार्टी नेतृत्व का फैसला उनके लिए महत्वपूर्ण है। यदि पार्टी उन्हें मैनपुरी से चुनाव लड़ने के लिए कहती है तो वह चुनाव लड़ेंगी।
सैफई परिवार के गढ़ में फिर चर्चा
अपर्णा यादव के इस बयान के बाद मैनपुरी से उनके चुनाव लड़ने की अटकलों ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मैनपुरी को लंबे समय से समाजवादी पार्टी और यादव परिवार की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ऐसे में भाजपा की ओर से सैफई परिवार से जुड़ी अपर्णा यादव को यहां से मैदान में उतारने की संभावना राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गई है।
हालांकि अभी तक भाजपा की ओर से अपर्णा यादव को मैनपुरी से उम्मीदवार बनाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
2022 में भी सामने आया था नाम
मैनपुरी से अपर्णा यादव के चुनाव लड़ने की चर्चा पहली बार नहीं हो रही है। वर्ष 2022 में मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान भी भाजपा की ओर से अपर्णा यादव को उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें सामने आई थीं। हालांकि बाद में भाजपा ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया था। उस उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने डिंपल यादव को मैदान में उतारा था।
अखिलेश यादव और पीडीए पर टिप्पणी से बचीं
मैनपुरी में कार्यक्रम के दौरान अपर्णा यादव से समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े सवाल भी पूछे गए। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इन मुद्दों पर टिप्पणी करने से परहेज किया। उनका मुख्य जोर महिला सशक्तिकरण, युवा भागीदारी और सामाजिक मुद्दों पर रहा।
भाजपा के फैसले पर टिकी नजर
अपर्णा यादव के बयान ने मैनपुरी की चुनावी राजनीति में संभावनाओं को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है। उन्होंने अपनी ओर से मैनपुरी से चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई है, लेकिन साथ ही पार्टी के निर्णय का पालन करने की बात कही है। अब निगाहें भाजपा के अगले कदम और आगामी चुनाव में संभावित उम्मीदवारों को लेकर होने वाली घोषणा पर रहेंगी।








