डेस्क : केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए 7.86 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक के लिए उधारी कैलेंडर जारी किया। इसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है।
उधारी के लिए इस अवधि में 23 साप्ताहिक नीलामियां आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक नीलामी में प्रतिभूतियों की राशि सामान्यतः 33 हजार करोड़ से 36 हजार करोड़ रुपये के बीच होगी। इन प्रतिभूतियों की परिपक्वता अवधि तीन वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक होगी।
सरकार दूसरी छमाही में सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी जारी करेगी। इसके तहत कई नीलामी सप्ताहों में 30 वर्ष की अवधि वाले 3-3 हजार करोड़ रुपये के ग्रीन बॉन्ड जारी किए जाएंगे।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, सभी नीलामियों में गैर-प्रतिस्पर्धी बोली की सुविधा जारी रहेगी। इसके तहत अधिसूचित राशि का 5 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा।
सरकार ने बाजार की परिस्थितियों और अपनी जरूरतों को देखते हुए उधारी कैलेंडर में बदलाव का विकल्प भी खुला रखा है। जरूरत के अनुसार राशि, जारी करने की अवधि और प्रतिभूतियों की परिपक्वता में बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा बाजार को उचित सूचना देने के बाद फ्लोटिंग रेट बॉन्ड और मुद्रास्फीति से जुड़े बॉन्ड जैसे अन्य साधन भी जारी किए जा सकते हैं।
सरकार प्रत्येक प्रतिभूति के लिए 2 हजार करोड़ रुपये तक अतिरिक्त सदस्यता स्वीकार करने का विकल्प भी रखेगी। इसके लिए ग्रीनशू विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस अवधि में केंद्र सरकार नीलामी के जरिए दिनांकित प्रतिभूतियों की अदला-बदली (स्विच) या पुनर्खरीद (बायबैक) भी कर सकती है।








