संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब, कहा- सीमा पार आतंकवाद के होंगे परिणाम

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डेस्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के जवाब में भारत ने शुक्रवार को कड़ा पलटवार किया। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के जम्मू-कश्मीर संबंधी दावों को खारिज करते हुए सीमा पार आतंकवाद को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा और पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद के परिणाम होंगे।

गहलोत ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि के भाषण को निशाने पर लेते हुए कहा कि आतंकवाद के इतिहास को देखते हुए पाकिस्तान का लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर उपदेश देना विडंबनापूर्ण है। उन्होंने 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में पाए जाने का भी उल्लेख किया।

भारतीय राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान में सत्ता की वास्तविक स्थिति सभी के सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां सेना का प्रभाव राजनीतिक व्यवस्था पर हावी है। गहलोत ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति और धार्मिक असहिष्णुता के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।

कश्मीर पर भी दिया दो टूक जवाब

शहबाज शरीफ द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। गहलोत ने कहा कि यदि पाकिस्तान को कश्मीर पर बात करनी है तो उसे पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में कथित हिंसा, हत्याओं और बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के लोगों की स्थिति पर भी दुनिया को ध्यान देना चाहिए।

आतंकवाद पर भारत का कड़ा संदेश

भारत ने सीमा पार आतंकवाद को पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही नीति बताया। गहलोत ने कहा कि भारत ने आतंकवाद से निपटने की अपनी क्षमता और संकल्प पहले ही प्रदर्शित किया है तथा आतंकवादियों को कहीं छिपने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत अपने बचाव के अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार झूठ दोहराने से वह सच नहीं बन जाता।

भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद, छल और दोहरे रवैये की नीति से पाकिस्तान को कोई लाभ नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत की इस प्रतिक्रिया के साथ जम्मू-कश्मीर, सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान की नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी एक बार फिर सामने आई।