SCO समिट में मोदी-शी-पुतिन की मुलाकात, दुनिया की नजरें टिकीं

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डेस्क : शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संवाद की एक दुर्लभ तस्वीर सामने आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बिश्केक के यरिस ऑर्डो कांग्रेस हॉल में पारिवारिक फोटो सेशन से पहले संक्षिप्त रूप से हाथ मिलाया। इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद रहे।

यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और चीन के बीच सीमा प्रबंधन और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बातचीत का दौर जारी है। प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में भारत की मेजबानी में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आमंत्रित किया था। शी ने निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को चीन के समर्थन की बात कही थी।

चीन ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (CGTN) के पत्रकार झाओ यूनफेई ने मंगलवार को भारत-चीन संबंधों पर चर्चा करते हुए कहा कि दोनों देशों को SCO और ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंचों का इस्तेमाल संवाद मजबूत करने और साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन मंचों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग को एक-दूसरे से मिलने और बातचीत करने के अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं।

झाओ ने कहा कि भारत और चीन पड़ोसी देश हैं और दोनों देशों के लिए मतभेदों को सुलझाने के साथ-साथ साझा हितों और क्षेत्रीय विकास के लिए सहयोग करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि SCO की तरह ब्रिक्स भी दोनों देशों के नेताओं के बीच संवाद का प्रभावी मंच साबित होगा।

2026 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर झाओ ने कहा कि उन्हें चीनी राष्ट्रपति के कार्यक्रम की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शी के कार्यक्रम को लेकर अधिक जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने ब्रिक्स को उभरती अर्थव्यवस्थाओं और ग्लोबल साउथ के देशों के लिए आर्थिक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताया।

सीमा प्रबंधन पर भी बढ़ी सहमति

भारत और चीन के बीच सीमा संबंधी संवाद में भी हाल के दिनों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 26 अगस्त को दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जनरल लेवल मैकेनिज्म या वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की बैठकें आयोजित करने के लिए दो अतिरिक्त बैठक बिंदुओं पर सहमति जताई।

इसके अलावा पूर्वी और मध्य सेक्टर में सीमा पर सैन्य हॉटलाइन के दो अतिरिक्त चैनल स्थापित करने पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी है। ये फैसले भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा विवाद पर हुई 25वें दौर की वार्ता में सामने आए आठ प्रमुख बिंदुओं वाले परिणाम और सहमति का हिस्सा हैं।

इस वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में की थी। सीमा प्रबंधन के स्तर पर बढ़ते संपर्क और SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर नेताओं की मुलाकात को भारत-चीन संबंधों में संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।