सिर्फ ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से कुछ नहीं होगा’, प्रशांत किशोर ने राजीव कुमार पर भी उठाए सवाल

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डेस्क : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को सेवानिवृत्ति के बाद एचडीएफसी बैंक का चेयरमैन बनाए जाने का मुद्दा उठाते हुए इस नियुक्ति पर बहस की मांग की है। साथ ही उन्होंने मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता से जुड़ा सवाल केवल मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त या किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। पिछले सात-आठ वर्षों से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव की तारीखों की घोषणा, आदर्श आचार संहिता लागू करने और मतगणना की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद उन्हें देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक एचडीएफसी बैंक में अध्यक्ष का पद कैसे मिला। किशोर ने इस मामले को चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संस्थागत पारदर्शिता से जुड़े व्यापक सवालों के संदर्भ में उठाया।

चुनाव आयोग में सुधार की जरूरत

प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल किसी एक अधिकारी के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि चुनाव आयोग की व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने मतगणना से संबंधित प्रपत्रों और पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक निगरानी के दायरे में लाने की भी मांग की, ताकि चुनावों की निष्पक्षता को लेकर जनता का भरोसा मजबूत हो सके।

प्रशांत किशोर की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर लगाए गए आरोपों को प्रशांत किशोर के राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों के आधार पर किसी नियुक्ति या चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता को स्वतः प्रमाणित नहीं माना जा सकता।