डेस्क : यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ओर एक बार फिर मिसाइल हमले किए हैं। ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान प्रेस टीवी ने सोमवार को दावा किया कि हमलों की नई लहर के बाद सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्सों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हमलों के बीच सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के खमीस मुशैत और अबहा शहरों के लिए चेतावनी जारी की, जिसे करीब एक घंटे के भीतर वापस ले लिया गया।
खमीस मुशैत और अबहा यमन की सीमा के नजदीक दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में स्थित हैं। अल जजीरा के मुताबिक, हूती विद्रोही यमन के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं। समूह ने जुलाई में रियाद के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा के बाद से सऊदी अरब की दिशा में हमले तेज किए हैं। इन हमलों में लाल सागर से गुजरने वाले सऊदी जहाजों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
इस बीच यमन के पश्चिमी तट पर स्वास्थ्य सेवाएं भी गंभीर संकट से जूझ रही हैं। लगातार हमलों और चिकित्सा व्यवस्था में आई बाधाओं के कारण कई अस्पतालों में कामकाज प्रभावित हुआ है। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की यमन कंट्री डायरेक्टर लू कॉर्मैक ने पश्चिमी तट के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल व्यवस्था में बड़े स्तर पर कमी बनी हुई है और चिकित्सा केंद्रों को चलाने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की तलाश करना भी मुश्किल हो रहा है।
कॉर्मैक के मुताबिक, सप्ताहांत में पश्चिमी तट के सभी अस्पतालों को खाली कराना पड़ा था। बाद में कुछ अस्पतालों में सेवाएं दोबारा शुरू हुईं, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था अब भी गंभीर कमी से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़ी आबादी रहती है और लोगों को रोजमर्रा की स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत है। ऐसे में यदि इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तो गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों समेत आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने रविवार को दावा किया कि संगठन ने सऊदी अरब के शरूराह क्षेत्र में स्थित एक सैन्य अड्डे पर हथियारों के भंडार और कमांड एवं कंट्रोल केंद्रों को निशाना बनाया। वहीं, सऊदी अरब की सीमा के पास हुए एक अन्य हूती हमले में दो लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
अमेरिकी मीडिया सीबीएस न्यूज के अनुसार, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का आग्रह किया था। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।
हूती विद्रोहियों की गतिविधियों से बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में तनाव भी बढ़ गया है। यह मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। हूती हमलों का असर सऊदी अरब के तेल निर्यात से जुड़े समुद्री मार्गों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ब्रिक्स ने जताई चिंता, संयम और कूटनीति की अपील
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिक्स देशों ने क्षेत्र में शांति और संयम की अपील की है। नई दिल्ली घोषणा में ब्रिक्स देशों ने पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया।
ब्रिक्स ने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की बात कही। संगठन ने दीर्घकालिक समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को आगे बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता कायम करने के साथ वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने में मदद मिलेगी।








