सूर्यवंशी असाधारण प्रतिभा, प्लेइंग-11 में मौका देने में न हो जल्दबाजी: जयसूर्या

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स्पोर्ट्स डेस्क : श्रीलंका के पूर्व दिग्गज कप्तान और 1996 विश्व कप के स्टार खिलाड़ी सनत जयसूर्या ने भारतीय क्रिकेट के उभरते युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की है। उन्हें ‘अलग तरह की प्रतिभा’ करार देते हुए जयसूर्या ने सलाह दी है कि इस किशोर खिलाड़ी को भारतीय प्लेइंग इलेवन में शामिल करने में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए।

हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए सूर्यवंशी को भारतीय टीम में शामिल किया गया था, हालांकि टीम प्रबंधन ने पारी के आगाज के लिए संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की नियमित जोड़ी पर ही भरोसा जताया।

भविष्य के सितारे हैं सूर्यवंशी ‘कॉरपोरेट विश्व कप’ के उद्घाटन समारोह से इतर बातचीत करते हुए 57 वर्षीय पूर्व श्रीलंकाई दिग्गज ने कहा, “वैभव एक अलग ही प्रतिभा हैं। मुझे लगता है कि वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। उनके पास अभी काफी समय है, इसलिए उन्हें अपने खेल को निखारने का मौका मिलना चाहिए। जब भी उन्हें अवसर मिलेगा, वह जरूर बेहतर प्रदर्शन करेंगे।”

जयसूर्या ने चयन प्रक्रिया या बल्लेबाजी क्रम पर सीधा कमेंट करने से परहेज करते हुए कहा कि यह परिस्थितियों और टीम प्रबंधन पर निर्भर करता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि मौजूदा ओपनिंग जोड़ी—अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन—को भी अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

भारतीय क्रिकेट में कड़ा मुकाबला भारतीय क्रिकेट के ढांचे और यहां के ऊंचे स्तर की तारीफ करते हुए जयसूर्या ने कहा, “भारत में क्रिकेट का स्तर बेहद ऊंचा है। तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी-20) में एक साथ निरंतरता बनाए रखना आसान नहीं होता। यहां प्रतिस्पर्धा इतनी ज्यादा है कि हर स्थिति के लिए प्रतिभावान खिलाड़ी तैयार रहते हैं। खिलाड़ियों में देश का प्रतिनिधित्व करने का जो जुनून है, वही उन्हें खास बनाता है।”

कॉरपोरेट विश्व कप जैसे आयोजनों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के मंच उन खिलाड़ियों के लिए संजीवनी का काम करते हैं, जिन्हें क्लब या राज्य स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिल पाता। ऐसे आयोजन भारतीय क्रिकेट के आधारभूत ढांचे को और मजबूती प्रदान करते हैं।