ट्रंप के नए नागरिकता आदेश पर अमेरिकी अदालत ने लगाई रोक

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डेस्क : अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई कोशिश को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी संघीय न्यायाधीश डेबोरा बोर्डमैन ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन के नए कार्यकारी आदेश को लागू करने पर रोक लगा दी। हालांकि, संघीय एजेंसियों को इस नीति के संभावित क्रियान्वयन की तैयारी जारी रखने की अनुमति दी गई है।

सीएनएन के अनुसार, अमेरिकी जिला न्यायाधीश बोर्डमैन ने अपने आदेश में कहा कि ट्रंप प्रशासन इस नए और सीमित प्रावधान को लागू नहीं कर सकता। उन्होंने प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी करते हुए माना कि नई नीति के असंवैधानिक ठहराए जाने की पर्याप्त संभावना है।

न्यायाधीश ने कहा कि अगर इस आदेश पर रोक नहीं लगाई गई तो 2026 का नया कार्यकारी आदेश उन बच्चों को जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता से वंचित कर सकता है, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत नागरिक माना गया है।

14वें संशोधन से जुड़ा है मामला

अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता का अधिकार संविधान के 14वें संशोधन से जुड़ा है। इसके तहत सामान्य तौर पर अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले व्यक्ति को नागरिकता प्राप्त होती है, भले ही उसके माता-पिता की आव्रजन स्थिति कुछ भी हो।

ट्रंप ने अगस्त में जारी अपने नए कार्यकारी आदेश के जरिए इस व्यवस्था के दायरे को सीमित करने की कोशिश की थी। आदेश में कुछ विशेष परिस्थितियों में जन्म लेने वाले बच्चों की नागरिकता को मान्यता नहीं देने का प्रावधान किया गया था। इनमें ऐसे मामले भी शामिल थे, जहां माता-पिता में से कोई एक विदेशी सरकार का कर्मचारी, ‘विदेशी शत्रु’ की श्रेणी में आने वाला व्यक्ति या कथित जन्म पर्यटन से जुड़ा हो।

पहले आदेश पर सुप्रीम कोर्ट लगा चुका है रोक

यह ट्रंप प्रशासन का जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने का दूसरा बड़ा प्रयास है। सत्ता में लौटने के बाद ट्रंप ने पिछले वर्ष एक व्यापक कार्यकारी आदेश जारी कर अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे या अस्थायी वीजा पर आए माता-पिता के यहां जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता देने की व्यवस्था समाप्त करने की कोशिश की थी।

हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यापक प्रयास को असंवैधानिक करार देते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अपेक्षाकृत सीमित दायरे वाला नया आदेश जारी किया, जिसे अब संघीय अदालत में चुनौती दी गई है।

इस मामले में न्यायाधीश बोर्डमैन का आदेश उन कानूनी चुनौती देने वालों की प्रमाणित श्रेणी पर लागू होगा, जिनके बच्चों को ट्रंप के पहले आदेश के तहत अमेरिकी नागरिकता से वंचित किए जाने का खतरा था।

जन्मसिद्ध नागरिकता को लेकर न्यू हैम्पशायर की एक अन्य अदालत में भी ट्रंप प्रशासन की नई नीति को चुनौती देने वाला मामला लंबित है।